छोटे अपार्टमेंट्स में स्पेस मैनेजमेंट एक बडा टास्क है लेकिन थोडा सा समय देकर इस काम को आसान बनाया जा सकता है। कई बार समझ नहीं आता कि घर को कैसे ऑर्गेनाइज करें कि वह खुला और सुविधाजनक दिखे। अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं तो यहां दिए गए टिप्स आपके लिए उपयोगी हो सकते हैं।

मरा छोटा हो और फर्नीचर भारीभरकम तो सचमुच उसका अरेंजमेंटमुश्किल हो सकता है। यह समस्या कई बार टी शेप लिविंग या ड्रॉइंग रूम के साथ भी होती है, जिसमें छोटे से एरिया में डाइनिंग स्पेस भी निकालना होता है। थोडी सी समझदारी और रचनात्मकता से समस्या हल हो सकती है। कुछ सुझाव।

दीवार से न सटाएं सोफा अगर आपको लगता है कि छोटे लिविंग रूम में सोफे को दीवार से सटाना जरूरी है तो आप गलतहैं। इसे वॉल्ससे थोडी दूर रखने से स्पेसका भ्रम पैदा होता है। अगर लिविंग रूम लंबा मगर संकरा है तो दीवार से काउच या सोफे को सटाने के बजाय कमरे को दो हिस्सों में बांटें। एक में फर्नीचर ग्रुपिंगकरें, दूसरे हिस्से को थोडा खुला छोडें, वहां रग का इस्तेमाल करें और एक-दो कॉर्नरटेबल्सरखें। इससे कमरा खुला नजर आएगा। नियम केवल यही है कि फर्नीचर बहुत हेवी न हो।

मिररका इस्तेमाल मिररसे कमरा बडा दिखता है। कमरे के एंट्रेंस डोर के ठीक सामने वाली वॉलपर एक डिजाइनर मिरर लगाएं, इससे स्पेसथोडा ज्यादा दिखेगा और मिररसे एक फोकलपॉइंटभी तैयार होगा।

फ्लोर लेंथफर्नीचर से बचें छोटी जगह को सजाते समय फ्लोरलेंथ फर्नीचर से बचें। ऐसे कमरों में पैर या पाये वाले फर्नीचर इस्तेमाल करें। इससे स्पेसखुला-खुला नजरआता है, साथ ही फ्लोर क्लीनिंगभी आसानी से हो सकती है।

मल्टीपर्पसफर्नीचर छोटे घरों मेंं ज्यादा फर्नीचर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। ऐसे में मल्टीपर्पसफर्नीचर से समस्या का हल ढूंढा जा सकता है।

मिनिमलिस्टिकलुक रखें लिविंग रूम छोटा है तो जरूरी नहीं कि 5 सीटर सोफा ही रखें। मार्केट में कई वरायटीज उपलब्ध हैं। खरीदने से पहले अपने कमरे के साइज का आकलन करें। हेवीसोफा सेट के बजाय एक टू या थ्री सीटर सोफा रखें और दो ईजी चेयर्सरख सकते हैं।

ट्रांस्पेरेंटटेबललें सॉलिडवुडेनटेबलयकीनन देखने में सुंदर लगती है लेकिन जगह कम हो तो ट्रांस्पेरेंटछोटी टेबल्ससे जगह खुली और बडी होने का एहसास होता है और ये हलकी भी होती हैं।

फोल्डिंगफर्नीचर कम स्पेसमें फोल्डिंगफर्नीचर का इस्तेमाल कई समस्याओं से बचा सकता है। जरुरत न होने पर इन्हें फोल्डकिया जा सकता है। इससे स्पेस मैनेजमेंट में आसानी रहती है।