फरवरी२०१७ रिश्तों पर खास हर रिश्ते की नींव प्यार और समझदारी पर टिकी हुई होती है। हंसी-मजाक से शुरू हुआ कोई रिश्ता जब गंभीरता का आवरण ओढता है, तब उसे सफल बनाने की चुनौतियां सामने आती हैं। इन चुनौतियों में तप कर ही कोई रिश्ता खूबसूरत बनता है। सखी अपने पाठकों के जीवन में खुशहाली की कामना करती है। इसलिए पत्रिका के इस अंक में होंगी रिश्तों के ताने-बाने पर बुनी कई विशेष रचनाएं। इसके साथ ही आप पढ सकेंगी फैशन, सौंदर्य और खानपान पर ढेरों रचनाएं, कहानियां, कविताएं और वैविध्यपूर्ण स्थायी स्तंभ।

अगले अंक के मार्च २०१७ एनिवर्सरी स्पेशल सखी अब अपने 16 वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। इस खास मौके पर यह आपके सामने उपस्थित होगी बिलकुल नए अंदाज में। महिला दिवस के उपलक्ष्य पर ऐसी कई स्त्रियों से रूबरू हो सकेंगे, जिन्होंने जीवन में आने वाली चुनौतियों का मुकाबला किया और संघर्ष के बलबूते अपनी अलग पहचान बनाई। सकारात्मक सोच से परिपूर्ण बेहतरीन रचनाएं हर कदम पर आपका मार्गदर्शन करेंगी। साथ ही आप पढ सकेंगे सौंदर्य, फैशन और यंगस्टर्स को लेकर कई स्थायी स्तंभ भी।

सखी में इस बार... विचार आमंत्रित दूर हुई मुश्किल हमारी जिंदगी से मुश्किलों का बेहद करीबी रिश्ता है और ये हर कदम पर हमारे साथ चल रहा होता है। सच तो यह है कि हम सभी को खुद ही उनका हल ढूंढना पडता है। चाहे रिश्तों से जुडे तनाव और बच्चों की परवरिश से जुडी परेशानियां हों या रोजमर्रा के जीवन से जुडी कोई भी छोटी-बडी समस्या, ऐसी दिक्कतें हमें बहुत कुछ सीखने का भी मौका देती हैं। जब कभी आपके सामने कोई परेशानी आई तो आपने उसका हल ढूंढने के लिए क्या तरीका अपनाया? आप हमें अपना कोई ऐसा ही अनुभव, लगभग 500 शब्दों में पासपोर्ट साइज फोटो और पूरे पते के साथ यथाशीघ्र लिख भेजें। आप अपने अनुभव ई-मेल या फेसबुक के माध्यम से भी भेज सकते हैं।

स्टार ऑफ दि मंथ : सुषमा स्वराज भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का नाम फॉरेन पॉलिसी मैग्जीन की टॉप ग्लोबल थिंकर्स की सूची में शामिल किया गया है। इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई दी और कहा कि हमें सुषमा स्वराज पर गर्व है। ट्विटर पर सुषमा स्वराज की नई डिप्लोमेसी स्टाइल को लोग खासा पसंद करते हैं। 25 साल की उम्र में सुषमा देश की सबसे युवा मंत्री बन गई थीं। साल 1977 में वह हरियाणा की शिक्षा मंत्री बनीं। सुषमा स्वराज देश की पहली ऐसी महिला हैं, जिन्हें किसी पॉलिटिकल पार्टी का प्रवक्ता बनाया गया। उन्हें सात बार मेंबर ऑफ पार्लियामेंट भी चुना गया। सुषमा स्वराज दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री हैं। साल 1998 में कैबिनेट का पद छोड सुषमा दिल्ली की मुख्यमंत्री बनी थीं। सुषमा ने पंजाब यूनिवर्सिटी से लॉ की पढाई की है। यहां तक कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में वकालत की प्रैक्टिस भी की है।

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