यहां दी गई कैलरी चेक लिस्ट के जरिये आप जान सकेंगे कि इस क्विजीन से हेल्दी ऑप्शन का चुनाव कैसे किया जाए।

अगर आप नॉन वेजटेरियन हैं तो आपको चिकन के बजाय फिश सूप ट्राई करना चाहिए क्योंकि इसमें चिकेन की तुलना में कम कैलरी होती है। इसके अलावा इसमें विटमिन ए और ओमेगा-3 फैटी एसिड जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। वेजटेरियन लोगों के लिए मिक्स वेज, पंपकिन और कैरट सूप बहुत फायदेमंद साबित होता है।

इस क्विजीन में हेल्दी सैलेड के कई आप्शंन्स मौजूद हैं, जो बेहद स्वादिष्ट भी होते हैं। आप चाहें तो रॉ पपाया या मैंगो सैलेड ऑर्डर कर सकते हैं। इसमें पर्याप्त मात्रा में फाइबर होता है, जो डाइजेस्टिव सिस्टम के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

रेड और येलो थाई करी में फिश सॉस भी मिलाई जाती है। इसलिए अगर आप शाकाहारी हैं तो अपने लिए ग्रीन करी का चुनाव करें। इसे कोकोनट मिल्क और कई तरह के हब्र्स से तैयार किया जाता है। इसमें पनीर या टोफू के अलावा बेबी कॉर्न, मशरूम और ब्रॉक्ली जैसी सब्जियां मिलाई जाती हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद होती हैं। वॉटर चेस्टनट पुडिंग (इसे सिंघाडे, गुड और खजूर से तैयार किया जाता है) स्टिकी राइस विद मैंगो (इसे पके आम, कोकोनेट मिल्क में उबले चावल और हलकी चीनी से तैयार किया जाता है ) जैसी लो कैलरी वाली डिशेज का चयन करें। वैसे थाइ क्विजीन के साथ पेस्ट्री, पुडिंग और मफिन जैसी चीजें भी सर्व की जाती हैं पर मैदे, बटर और

अंडे की वजह से इनमें ज्य़ादा कैलरी होती है। ऐसे लोगों के लिए एक सर्विंग सूप पर्याप्त होता है, चाहे वेज हो या नॉनवेज। हमेशा क्लीयर सूप का चुनाव करें क्योंकि इसमें कॉर्नफ्लोर नहीं होता।

ऐसे सैलेड का ऑर्डर करें, जिसमें क्रीमी ड्रेसिंग न हो। ऑलिव ऑयल की हलकी ड्रेसिंग वाला सैलेड टेस्टी और न्यूट्रिशन से भरपूर होता है।

चिकेन के बजाय फिश करी ऑर्डर करना चाहिए। थाई फूड में स्टीम्ड राइस का इस्तेमाल होता है, जो नूडल्स की तुलना में ज्य़ादा पौष्टिक होता है। अगर आपको नूडल्स पसंद हैं तो मैदे के बजाय राइस नूडल ऑर्डर करें। थाई फूड में लहसुन, ग्रीन हब्र्स, तिल, दालचीनी और जायफल जैसे मसालों का इस्तेमाल किया जाता हैं। इनमें एंटी ऑक्सीडेंट तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को कई तरह की बीमारियों से बचाते हैं। थाई करी कोकोनट मिल्क से तैयार होती है। इससे बहुत जल्दी पेट भरे होने का एहसास होता है पर इसमें ऑलिव ऑयल की मात्रा बहुत कम होती है। इसलिए इसे खाने के बाद डाइजेशन की समस्या नहीं होती।