व्यस्त लाइफ ने हमारी ईटिंग हैबिट्स को पूरी तरह बदलकर रख दिया है। अधिक व्यस्तता के कारण पैक्ड और रेडी-टु-ईट फूड का चलन बढता जा रहा है।

जिम्मेदार है दिमाग डॉ. हिमांशी शर्मा, आहार विशेषज्ञ, इंडियन स्पाइनल इंजरीज सेंटर, नई दिल्ली के मुताबिक, व्यस्त दिनचर्या के चलते पैक्ड फूड आजकल हमारे खानपान में शामिल हो गया है लेकिन यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत नुकसानदेह है। कई बार खाना बनाने से बचने के लिए लोग इंस्टेंट या पैक्ड फूड अपनाते हैं। यहां तक कि ऐसी चीजों बच्चों के टिफिन का भी हिस्सा बनती जा रही हैं। हालांकि इस तरह के फूड ने जिंदगी को आसान बनाया है मगर इससे खाने-पीने की आदतें बिगड गई हैं। एक शोध के अनुसार कुछ खाद्य पदार्थों में ऐसे तत्व शामिल होते हैं, जिनके कारण लोग आसानी से उनके आदी हो जाते हैं। यही कारण है कि एक बार इन चीजों का स्वाद लेने के बाद वे बार-बार इन्हें खाने लगते हैं। एक अन्य शोध में यह भी कहा गया है कि काफी हद तक हमारा ब्रेन भी इसके लिए जिम्मेदार है। वहीं से इंद्रियों तक यह संदेश जाता है। ऐसे मामलों में दृढ इच्छा-शक्ति के बलबूते ही ऐसे खानपान के प्रति आकर्षण को कम किया जा सकता है।

ऐसे पकाएं और खाएं मैक्स हॉस्पिटल, दिल्ली की चीफ न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. रीतिका के मुताबिक, दो मिनट में तैयार हो जाने वाले नूडल ही नहीं, किसी भी रेडी-टु ईट पैक्ड फूड को पूरी तरह सेफ नहीं माना जा सकता क्योंकि इनमें डाला जाने वाला प्रिजर्वेटिव लॉन्ग टर्म में सेहत को नुकसान पहुंचाता है। हालांकि बाजारों में ऐसे कई पैक्ड फूड मिलेंगे, जो सेफ हैं और उन्हें मिनटों में तैयार किया जा सकता है। ये टेस्टी होने के साथ कैल्शियम और प्रोटीन से भी भरपूर हैं। इन्हें बेफिक्र होकर खरीदें। जैसे- नॉन-फैट मिल्क, फ्रोजन फ्रूट्स या सी-फूड्स और कुछ वेजटेबल्स, भुने हुए नट्स, सीड्स, ड्राई फ्रूट्स, ओट मील, व्हीट ब्रेड और सीरियल्स।

ओट्स : ओट्स बनाने में नूडल से भी कम समय लगता है। बाजार से रेडी-टु-ईट ओट्स लाएं। इसे दूध या पानी में एक मिनट तक उबालें। प्लेन ओट्स में पसंद के अनुसार नमक या चीनी डालकर चलाएं। चाहें तो इसे प्याज, टमाटर, गाजर, बीन्स या सीजनल फ्रूट्स डालकर भी हलका उबाल सकते हैं। दो मिनट पकने के बाद इसे तुरंत खाया जा सकता है। यह सॉल्युबल फाइबर है। इनमें पर्याप्त मात्रा में आयरन और कैल्शियम होता है, साथ ही इससे शरीर से अतिरिक्त चर्बी भी कम करने में मदद मिलती है। यह दिल की सेहत के लिए भी सही रहता है।

सिंवई : इसे घी में भूनें। अब इसमें उबला और गाढा दूध मिलाने के बाद इलायची पाउडर और स्वादानुसार चीनी या शहद डालकर करीब दो से तीन मिनट तक पकाएं। इसमें कैल्शियम और प्रोटीन की भी अच्छी मात्रा होती है।

चटपटा सैलेड : बाजार में मिलने वाले टिक्की या चाट जैसी चीजें खाने से बचना चाहते हैं तो घर में हेल्दी चाट तैयार कर सकते हैं। थोडे पीनट्स में ओट्स या कॉर्नफ्लेक्स, पनीर के छोटे क्यूब्स, ताजा दही, ऑलिव ऑयल, काली मिर्च पाउडर, काला नमक, हरी मिर्च, धनिया पत्ती और थोडा सा लेट्यूस काटकर मिलाएं। इससे 1 मिनट में चटपटा सैलेड तैयार हो जाएगा। इसमें आयरन, प्रोटीन और विटमिंस की भरपूर मात्रा भी होगी।

हेल्दी व्हीट नूडल्स : व्हीट नूडल्स को उबालें। एक पैन में एक टीस्पून ऑलिव ऑयल डालने के बाद उसमें बारीक कटे प्याज, शिमला मिर्च, उबले नूडल्स, टमैटो सॉस, एक टीस्पून सोया सॉस और नमक डालकर एक से डेढ मिनट तक कुक करें और तुरंत सर्व करें। इसमें प्रोटीन, विटमिन-ए और काब्र्स मिलेंगे, जो सेहत के लिए फायदेमंद साबित होंगे। अच्छी बात यह है कि इसमें आप कई एक्सपेरिमेंट्स कर सकती हैं।

उपमा : एक टीस्पून घी में सूजी डालकर भूनें। इसे एयरटाइट डिब्बे में दो से तीन दिन स्टोर करें। जब भी उपमा खाने का मन करे, भुनी हुई सूजी को उबलते पानी में डालें, स्वादानुसार नमक मिलाएं और दो मिनट तक पकाएं। इसके छौंक के लिए पैन में ऑलिव ऑयल डालने के बाद राई दाना, प्याज, गाजर, बीन्स और हरी मिर्च डालकर चलाएं। इससे प्रोटीन और विटमिनयुक्त उपमा तैयार हो जाएगा।

रखें लेबल पर नजर न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. कविता देवगन के मुताबिक, पैक्ड फूड खाने में कोई बुराई नहीं है लेकिन इन्हें खाने और खरीदने से पहले न्यूट्रिशनल फैक्ट्स और इंग्रीडिएंट्स को चेक करना बेहद जरूरी है। जानिए, इन्हें खरीदते वक्त किन बातों का ध्यान रखें। पैक्ड फूड खरीदते समय कुछ बातों का हमेशा ध्यान रखें। ध्यान रखें कि इसमें ट्रांस फैट्स न हों। जिस पैक्ड फूड में नमक या सोडियम अधिक हो, उसे न खरीदें। शुगर, हाई फ्रक्टोज कॉर्न सीरप जैसे आर्टिफिशियल स्वीटनर का यूज कम करें। रिसर्च से पता चला है कि इसके सेवन से फूड क्रेविंग होने लगती है।

लो फैट फूड आइटम में फैट की मात्रा 3 ग्राम से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। अगर किसी प्रोडक्ट पर सोडियम फ्री लिखा है तो ध्यान दें कि उसमें सोडियम की मात्रा 5 ग्राम से ज्यादा न हो। पैक्ड ग्रेन प्रोडक्ट्स को खरीदने से पहले चेक करें कि पैकेट के लेबल पर होल ग्रेन या होल व्हीट ही लिखा हो।

ऐसे कई प्रोडक्ट्स होते हैं, जिन्हें फाइबर से भरपूर या शुगर फ्री के नाम से बेचा जाता है लेकिन जब इन चीजों के फूड लेवल को चेक करेंगे, सच्चाई का पता चल जाएगा। किसी भी फूड आइटम का सर्विंग साइज क्या है और उससे कितनी कैलरी मिल रही है, इस बारे में पूरी जानकारी रखनी चाहिए।