शोधकर्ताओं का मानना है कि ऐसा करने से मौत का खतरा 42 प्रतिशत तक कम हो जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन अब तक दिन में पांच बार फल और सब्जी खाने पर जोर देता रहा है। दिन में सात बार फल और सब्जियां खाने से कैंसर और हृदय रोग का खतरा कम हो जाता है। एक बार में कम से कम 80 ग्राम फल खाने की सलाह दी गई है। 80 ग्राम मतलब एक सेब या एक कटोरी सैलेड या फिर कच्ची सब्जी के तीन चम्मच।

जानकार बताते हैं कि लोग ज्य़ादा से ज्य़ादा दिन में चार बार ही ऐसा कर पाते हैं और इसलिए उन्हें अपनी दिनचर्या बदलने की जरूरत है।

हालांकि ब्रिटेन सरकार का कहना है कि दिन भर में पांच बार ही सब्जी और फल खाना पर्याप्त होता है लेकिन कई लोगों को तो यह भी मुश्किल से मिलता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि मात्र फल और सब्जियां खाने से ही उम्र लंबी नहीं होती बल्कि इसका संबंध जीवनशैली जैसे धूम्रपान और शराब पीने से भी है। शोध में शामिल लोगों की खाने-पीने की आदतों पर नजर डालने के बाद वैज्ञानिक इस नतीजे पर पहुंचे कि जो लोग आहार में फल-सब्जियां ज्य़ादा ले रहे थे, उनकी उम्र अन्य लोगों से ज्य़ादा रही। इन लोगों को दिल के दौरे का खतरा चार फीसदी कम रहा, साथ ही कैंसर का खतरा भी कम हुआ।

सब्जियों के फायदे की बात की जाए तो ताजा सब्जियों के साथ सैलेड और बाद में फल खाने से फायदा सबसे अधिक होता है। फल खाने की जगह यदि उसका जूस पिया जाए तो कोई फायदा नहीं होता, जबकि डिब्बाबंद फल खाने से मौत का खतरा बढ जाता है। शोधकर्ता बताते हैं कि ऐसा शायद इसलिए है क्योंकि डिब्बाबंद फल चीनी के घोल में संग्रहित होता है। इसलिए डॉक्टर ताजा फल और सब्जियों के इस्तेमाल की सलाह देते हैं।