गर्मियों में फिट रहने के लिए क्यों न ऐसा तरीका अपनाया जाए जिससे आप न तो धूप में तपेंगे और न पसीने से भीगेंगे। इस तरीके का नाम है, अक्वा एक्सरसाइज। पूल में रहकर न सिर्फ बॉडी को कूल रखा जा सकता है बल्कि फैट भी आसानी से बर्न होगा।

र्मी का मौसम सैर करने वालों के लिए थोडा मुश्किल समय होता है। लेकिन मौसम के बदलाव के कारण आप व्यायाम पर विराम न लगने दें क्योंकि शरीर को फिट रखने के लिए एक्सरसाइज बेहद जरूरी है। इन गर्मियों में ख्ाूबसूरत दिखने के लिए जरूरी है कि आपने सर्दियों में जितनी भी एक्स्ट्रा कैलरीज्ा ली हैं, उसे बर्न किया जाए।

सर्दियों में तो पैदल चलने, वॉकिंग या जॉगिंग से फैट बर्न हो जाता है मगर गर्मियों में चिलचिलाती धूप और पसीने की चिपचिप के कारण कई लोग न तो वॉक कर पाते हैं और न एक्सरसाइज। इसलिए इस गर्मी आप पूल में उतरकर अक्वा एक्सरसाइज से फिट रह सकते हैं।

जरूरी है वॉटर फिटनेस

हमारा शरीर करीब 60फीसदी पानी से बना है, इसलिए कहा जाता है कि जल ही जीवन है। गर्मियों में शरीर से अपने आप पसीना निकलता है, जिस कारण इसका लेवल मेंटेन करना भी किसी चुनौती से कम नहीं होता। दूसरी वजह यह है कि पानी नैचरल और ऑर्गेनिक होता है। इसलिए आपने देखा होगा कि कुछ लोग वॉटर डंबल, वॉटर ग्लव्स, फ्लोटिंग बेल्ट लिए पूल में एक्सरसाइज करते नजर आते हैं। पूल में डीप एक्सरसाइज में बाइक, बॉल या ट्रेडमिल भी काफी हिट हो रहे हैं।

ताजगी का एहसास

जो भी एक्सरसाइज आप जिम में करते हैं, वह पानी में भी की जा सकती हैं। चाहे योग, किक बॉक्सिंग, जुंबा, एरोबिक्स, कार्डियो हो या स्ट्रेचिंग, ये सभी पानी के अंदर बख्ाूबी की जा सकती हैं। इससे आपको पसीना भी कम आएगा और थकान भी कम होगी। जब आप पानी से बाहर आएंगे तो ज्य़ादा ताजगी महसूस करेंगे और जिम के मुकाबले पूल में ज्य़ादा कैलरी बर्न करेंगे।

एक्सरसाइज और मस्ती भी

आप अपने पार्टनर के साथ अंडरवॉटर डांस भी कर सकते हैं और इससे आपकी कार्डियो ंवैस्कुलर फिटनेस बरकरार रहेगी। इससे शरीर भी ताकतवर बनेगा। अंडरवॉटर का ज्य़ादाफायदा लेना है तो आप अक्वालेट्स, ताइक्वांडो और योग भी कर सकते हैं। इसके अलावा भी कई तरह की अंडरवॉटर एक्सरसाइज होती हैं जैसे जॉगिंग, वॉकिंग, डंबल्स, रनिंग, हाई नी स्प्रिंट और पानी में घूमना। इनमें सबसे ज्य़ादा पॉपुलर है, अंडरवॉटर ट्रेडमिल। यह िफजिकल थेरेपी और स्पोट्र्स मेडिसिन के तौर पर भी इस्तेमाल हो रहा है।

वॉटर वॉकिंग से कैलरी बर्न

कैलरी बर्न करने और बेहतर शेप पाने के लिए वॉटर वॉकिंग बेहतरीन एक्सरसाइज है। आप अपने साइज की एक बॉल के भीतर रहते हैं जो पानी में घूमती रहती है। इससे आपकी मसल्स शेप में तो आएंगी ही और एक घंटे में कम से कम 600 कैलरी बर्न भी होगी। वॉटर वॉकिंग दो तरह की होती है- डीप वॉटर वॉकिंग और शैलो वॉटर वॉकिंग।

दिल को भी भाए पानी

पानी में की जाने वाली एक्सरसाइज दिल की सेहत के लिए भी बेहतर साबित होती हंै। यह दिल में ख्ाून का दौरा बढाकर आपके फेफडों को मजबूत करने का काम करती है। पानी का दबाव भी मसाज की तरह काम करता है। इससे दिल को जाने वाले ख्ाून की गति बढ जाती है और रेस्परेटरी सिस्टम को बेहतर करती है।

सीखना चुटकियों का काम

ऐसा नहीं है कि वॉटर एक्सरसाइज सीखना काफी मुश्किल है। अगर आपको तैरना आता है तो बस पानी में बैलेंस बनाना सीखना होगा। इसके बाद वेट उठाने का नंबर आएगा। पानी के मुकाबले जमीन पर वेट उठाना नुकसानदायक और दर्द भरा होता है, जबकि पानी में ऐसी कोई दिक्कत नहीं होती। पानी में वेट उठाने पर वह शरीर को सहारा देता है। इससे रीढ पर भी अतिरिक्त जोर नहीं पडता है।

हडि्डयों के लिए फायदेमंद

अक्वा एक्सरसाइज्ोज्ा करते वक्त पानी में हार्ड एक्सरसाइज करना भी मुश्किल नहीं होता है। पानी एक तरह से गद्दे का काम करता है और आपके जोडों पर दबाव देता है। गर्म पानी के साथ हाइड्रोथेरेपी लेने से उन लोगों को भी फायदा मिलता है, जिनको हड्डियों से संबंधित परेशानी होती है। इससे शरीर में ख्ाून का दौरा बढता है और शरीर के उन हिस्सों में भी ऑक्सीजन युक्त ख्ाून पहुंचता है, जहां आपके टिश्यू या मसल्स में पेन रहता है। गर्म पानी से भी मसल्स की सिंकाई होती है और हड्डियों का तनाव एक हद तक कम हो जाता है। इससे आथ्र्राइटिस के मरीज्ाों को भी दर्द से राहत मिलती है। कई अध्ययनों से यह भी पता चला है कि यह कई तरह के आथ्र्राइटिस के मरीजों को फायदा पहुंचाती है।

कई तरह की एक्सरसाइज

वॉटर एक्सरसाइज कई तरह की होती हैं, जिनमें से यहां कुछ शामिल की गई हैं-

के-टे्रड

यह एक्सरसाइज हाथ, चेस्ट, एब्स, हिप्स और वेस्ट के लिए होती है। इसमें पूल में सीधे खडे होकर दोनों हाथों को क्लॉकवाइज घुमाया जाता है। साथ में धीरे-धीरे पैरों से साइक्लिंग की जाती है। पानी में हाथ-पैर घुमाना थोडा मुश्किल होता है, इसलिए पांच-पांच सेकंड का बे्रेक भी ले सकते हैं।

वॉटर मार्चिंग

इसे आप पानी की कदमताल भी कह सकते हैं। यह एक्सरसाइज बाइसेप्स और लेग्स मजबूत करने के काम आती हैं। इसके अलावा इसका वजन घटाने में भी अहम हाथ होता है। जमीन पर होने वाली कदमताल की तरह इसमें भी हाथों को धीरे-धीरे उठाया जाता है और फिर नीचे लाया जाता है।

साइड स्ट्रेच

अगर आपको एक्सरसाइज के साथ-साथ लचीलापन भी बढाना है तो यह अच्छा स्ट्रेच है। इसमें पूल की दीवारों पर हाथ टिकाकर खडे होना होता है। इसके बाद पैरों के बल खडे होकर हाथों को धीरे-धीरे ऊपर ले जाया जाता है। शरीर को स्ट्रेच करने के बाद अंत में रिलैक्स हो जाएं। द्य

वॉटर एक्सरसाइज्ा के फायदे

पानी में होने वाली एक्सरसाइज से कमजोर मसल्स स्ट्रॉन्ग हो जाती हैं।

जॉइंट्स में होने वाले दर्द में भी आराम मिलता है।

तनाव को कम करने में ये एक्सरसाइज्ा मददगार साबित होती हैं।

वॉटर एक्सरसाइज्ा से बॉडी पोस्चर और बैलेंस बेहतर होता है।

वजन कम करने में भी ये फायदेमंद हैं।

पानी में होने वाली एक्सरसाइज से हड्डियों से संबंधित परेशानियां ख्ात्म हो जाती हैं। जैसे, आथ्र्राइटिस, पीठ दर्द, स्पॉण्डलाइटिस आदि।

गीताजंलि

(फिटनेस एक्सपर्ट मनीष से बातचीत पर आधारित)

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