दिल्ली में जन्मी ऐक्ट्रेस इरा दुबे ने मेहनत कर अपनी ऐक्टिंग का लोहा मनवाया है। उन्होंने किसी के दम पर नहीं, बल्कि अपने टैलेंट से अपनी पहचान बनाई है। वे थिएटर व फिल्मों के कई खास प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हैं, जिन्हें वे अपनी जिंदगी भी मानती हैं। उनसे हुई बातचीत के कुछ अंश। खुद को कैसे परिभाषित करेंगी? मैं स्ट्रॉन्ग, कॉन्फिडेंट, हार्डवर्किंग, इंटेलीजेंट और इंडीपेंडेंट हूं। मैं आज की स्त्री हूं। आप बहुत छोटी उम्र से ऐक्टिंग की दुनिया में सक्रिय हैं। इसकी प्रेरणा कहां से मिली? मैं लगभग 5 वर्ष की उम्र से ऐक्ट कर रही हूं। कहा जा सकता है कि ऐक्टिंग मेरे खून में है। यह जेनेटिक है और इसके बिना जीने की मैं कल्पना भी नहीं कर सकती। मैं ऐक्टिंग की दुनिया में ही पली-बढी हूं। मैंने अपनी मम्मी और मौसी से काफी कुछ सीखा है। जानी-मानी ऐक्ट्रेस लिलिट दुबे की बेटी होने का कितना दबाव रहा या फायदा मिला? मेरी मम्मी एक रॉकस्टार हैं। मैं उनकी बेटी होने पर बहुत गर्व महसूस करती हूं। कभी-कभी मेरी तुलना उनसे की जाती है पर मैं उसे सकारात्मक तौर पर लेती हूं। मेरी आइडेंटिटी सिर्फ मेरी है। हालांकि, मैं मानती हूं कि मेरी पर्सनैलिटी को ग्रूम करने में मेरी मम्मी का पूरा सहयोग रहा है। ऐक्टिंग के अलावा और क्या-क्या पसंद है? मुझे फिल्में देखना और घूमना बहुत पसंद है। मैं चॉकलेट फैनेटिक हूं। हर विषय की किताबें पढऩा भी मेरी हॉबी है। मेरी जिंदगी पर बहुत सी किताबों का प्रभाव रहा है। आपके फ्यूचर प्लैन्स? किस तरह के किरदार निभाना चाहती हैं? एक सोशल थ्रिलर फिल्म गर्मियों तक रिलीज हो जाएगी। उसके अलावा मेरे लीड रोल वाली एक फिल्म नेटफ्लिक्स पर अवेलेबल है। मैं हर तरह के रोल्स करना चाहती हूं। मुझे चैलेंजेस लेना पसंद है। मैं मम्मी के साथ भी कुछ प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हूं। कभी ऑटोबायोग्राफी लिखी तो उसका नाम क्या होगा? 'ब्रिलियंस सफलता आपके लिए क्या है? अंदरूनी और बाहरी तौर पर स्वस्थ और खुश रहना ही मेरे लिए सफलता है। अगर आप जिंदगी के हर पल को सुख से जीते हैं तो आप सफल हैं।