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राजस्थान: 'गली में कुत्ते बहुत हैं, मीटर बाहर लगवा लो' बिजली बिल नहीं आया तो रीडर ने दिया अजीब जवाब

Published: Sat, 22 Aug 2026 04:03 PM (IST)

उदयपुर में करीब 30 परिवारों को दो महीने तक बिजली बिल नहीं मिले, जिस पर मीटर रीडर ने गली में कुत्तों की मौजूदगी को कारण बताया।

बिजली बिल नहीं आया तो रीडर ने कुत्ते को बताई वजह (यह तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है।)

बिजली बिल नहीं आया तो रीडर ने कुत्ते को बताई वजह (यह तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है।)

HighLights

  1. उदयपुर में 30 परिवारों को दो महीने से नहीं मिले बिजली बिल।

  2. मीटर रीडर ने गली में कुत्तों को बताया बिल न मिलने का कारण।

  3. उपभोक्ताओं को विलंब शुल्क के साथ दो महीने का बिल चुकाना पड़ा।

जागरण संवाददाता, उदयपुर। बिजली का मीटर घर की दीवार पर लगा हो और बिल इसलिए न आए क्योंकि गली में कुत्ते ज्यादा हैं, उदयपुर में बिजली उपभोक्ताओं को मिला यह जवाब अब चर्चा का विषय बन गया है।

गायरियावास के संतोष नगर की गली नंबर-5 में करीब 30 परिवारों को दो महीने तक बिजली के बिल नहीं मिले। जब लोग शिकायत लेकर अजमेर विद्युत वितरण निगम के सेक्टर-4 कार्यालय पहुंचे तो कथित तौर पर मीटर रीडर ने रीडिंग नहीं लेने की वजह गली में कुत्तों की मौजूदगी बताई।

उपभोक्ताओं के अनुसार रीडर से पूछा गया कि कुत्तों की समस्या का समाधान क्या है तो उसने कथित तौर पर सुझाव दिया कि ‘मीटर उखाड़कर गली के बाहर लगवा लो।’ जवाब सुनकर लोग हैरान रह गए। उनका कहना है कि बिजली निगम की जिम्मेदारी निभाने के बजाय समस्या का समाधान उपभोक्ताओं के सिर डाल दिया गया।

दो महीने का बिल एक साथ, ऊपर से पेनल्टी

निवासियों का कहना है कि आसपास के क्षेत्रों में बिल समय पर वितरित हो चुके थे, लेकिन उनकी गली में बिल नहीं पहुंचे। शिकायत के बाद भी एक महीना गुजर गया। अंततः कार्यालय से कंप्यूटराइज्ड बिल निकाले गए तो दो महीने की खपत एक साथ जुड़ने से राशि काफी बढ़ गई। बिल पर विलंब शुल्क भी जुड़ा मिला।

गलती उपभोक्ता की नहीं, फिर पेनल्टी क्यों?

प्रभावित लोगों का सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब बिल जारी करने में देरी निगम स्तर पर हुई तो पेनल्टी उपभोक्ताओं से क्यों वसूली जा रही है? करीब 30 परिवारों ने उच्च अधिकारियों से पेनल्टी माफ करने और मीटर रीडिंग में लापरवाही की जांच कर जिम्मेदार कर्मचारी पर कार्रवाई की मांग की है।