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राजस्थान: रिश्वत के आरोपी एएसपी के आईफोन में छिपे राज, 5 दिन से नहीं बताया पासवर्ड

Published: Fri, 02 Oct 2026 12:03 PM (IST)

दो करोड़ के रिश्वतकांड में गिरफ्तार एएसपी मुकेश सोनी अपने आईफोन का पासवर्ड नहीं बता रहे हैं, जिससे जांच में कई अहम सवालों के जवाब नहीं मिल पा रहे हैं।

रिश्वतकांड में गिरफ्तार एसओजी के एएसपी मुकेश सोनी(फोटो: सोशल मीडिया)

रिश्वतकांड में गिरफ्तार एसओजी के एएसपी मुकेश सोनी(फोटो: सोशल मीडिया)

HighLights

  1. एएसपी मुकेश सोनी आईफोन पासवर्ड बताने से इनकार कर रहे हैं।

  2. दलाल सज्जन सिंह ने एएसपी के निर्देश पर संपर्क करना कबूला।

  3. मामला नगर निगम के 272 प्लॉट घोटाले से जुड़ा है।

जागरण संवाददाता, उदयपुर। दो करोड़ रुपए के रिश्वतकांड में गिरफ्तार एसओजी के एएसपी मुकेश सोनी से पूछताछ में कई अहम सवालों के जवाब अब तक नहीं मिले हैं। एसीबी सूत्रों के अनुसार सोनी को कार्रवाई का पहले से शक था और वह परिवादी पर नजर रख रहा था।

गिरफ्तारी के बाद से जांच अधिकारी उसके आईफोन का पासवर्ड हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन वह पासवर्ड नहीं बता रहा है। बुधवार को एसीबी कोर्ट ने एएसपी मुकेश सोनी और दलाल सज्जन सिंह की रिमांड 3 अक्टूबर तक बढ़ा दी।

एसीबी के अनुसार पूछताछ के दौरान सोनी ने रिश्वत मांगने से इनकार किया। इसके बाद अधिकारियों ने उसे रिकॉर्डिंग सुनाई तो वह चुप हो गया। दलाल सज्जन सिंह ने पूछताछ में बताया कि उसने एएसपी के कहने पर ही परिवादी से संपर्क किया था।

जांच में यह भी सामने आया कि परिवादी निरंजन मोगरा ने एसीबी को बताया था कि मुकेश सोनी उस पर नजर रख रहा है। इसके बाद एसीबी ने रणनीति बदली और परिवादी को कार्यालय आने से रोक दिया।

शिकायत के सत्यापन के लिए एक प्रशासनिक अधिकारी को योजना में शामिल किया गया। एसीबी के अनुसार शुरुआती कार्रवाई में चौकी के कर्मचारियों को शामिल नहीं किया गया और सत्यापन के बाद दोनों आरोपियों को पकड़ा गया।

पूछताछ में परिवादी के घर से डीवीआर जब्त करने, तीन खाली चेक पर हस्ताक्षर करवाने और रिश्वत की रकम किन लोगों में बांटी जानी थी, जैसे सवालों पर भी स्पष्ट जवाब नहीं मिलने की बात सामने आई है।

272 प्लॉट घोटाले से जुड़ा है मामला

मामला नगर निगम के 272 प्लॉट घोटाले से जुड़ा है। वर्ष 2022 में सूरजपोल थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। एसओजी ने 4 अगस्त को सुखेर निवासी पूर्व जिला अल्पसंख्यक अधिकारी हेमलता कांकरिया और उनके पति निरंजन मोगरा को गिरफ्तार किया था।

उनके घर से करीब 2 किलो सोने के जेवर और 11 लाख रुपए जब्त किए गए थे। आरोप है कि इसी मामले में एफआर लगाने और जब्त सामान छोड़ने के लिए रिश्वत की मांग की गई थी।

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