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उदयपुर: '1 करोड़ ऊपर जाएगा', रिश्वत मामले में एसीबी की जांच में नया खुलासा; रिकॉर्डिंग आई सामने

Published: Sat, 03 Oct 2026 06:55 PM (IST)Updated: Sat, 03 Oct 2026 07:17 PM (IST)

एसीबी की जांच में उदयपुर के एसओजी एडिशनल एसपी मुकेश सोनी के 2 करोड़ रुपये रिश्वत मामले में नया खुलासा हुआ है।

2 करोड़ की रिश्वत में 1 करोड़ ‘ऊपर’ जाने की बात। (एएनआई)

2 करोड़ की रिश्वत में 1 करोड़ ‘ऊपर’ जाने की बात। (एएनआई)

HighLights

  1. एसीबी को दलाल सज्जन सिंह और परिवादी की रिकॉर्डिंग मिली।

  2. रिकॉर्डिंग में 1 करोड़ रुपये 'ऊपर' तक जाने का जिक्र है।

  3. एएसपी मुकेश सोनी के मोबाइल से अहम जानकारी मिलने की उम्मीद।

जागरण संवाददाता, उदयपुर। एसओजी के एडिशनल एसपी मुकेश सोनी और दलाल सज्जन सिंह की 2 करोड़ रुपए की रिश्वत के मामले में एसीबी की जांच में नया खुलासा हुआ है। एसीबी के हाथ दलाल सज्जन सिंह जैन और परिवादी निरंजन मोगरा के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग लगी है।

इसमें दलाल ने परिवादी से कहा कि 2 करोड़ रुपए की रिश्वत में से 1 करोड़ रुपए ‘ऊपर’ तक जाएगा। एसीबी अब रिकॉर्डिंग के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि रिश्वत की रकम के बंटवारे में ‘ऊपर’ से किसका इशारा था और रकम किस तक पहुंचाई जानी थी।

जांच के दौरान एसीबी तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से एएसपी मुकेश सोनी का मोबाइल भी चालू कराने का प्रयास कर रही है। पूछताछ में सोनी ने मोबाइल का पासवर्ड नहीं बताया है। एसीबी को आशंका है कि मोबाइल से रिश्वत की रकम के बंटवारे और संपर्कों से जुड़ी अहम जानकारी सामने आ सकती है।

एक दिन में तीन बार बदला मिलने का समय

रिश्वत की बातचीत के लिए 23 सितंबर को फतहसागर झील किनारे रानी रोड पर मिलने का समय तय हुआ था। एएसपी ने पहले सुबह 10 बजे मिलने को कहा। इसके बाद दोपहर 1 बजे और फिर शाम 5 बजे का समय दिया। शाम 5 बजे भी मुलाकात नहीं हुई तो सज्जन सिंह ने परिवादी को भरोसा दिलाया कि साहब अब पक्का आएंगे।

इसके बाद सज्जन सिंह, निरंजन मोगरा को लेकर महाकालेश्वर मंदिर के पास पहुंचा। करीब डेढ़ घंटे इंतजार के बाद शाम 6:30 बजे एएसपी वहां पहुंचा। उसने कार साइड में खड़ी की और दोनों को कार में बुलाया। करीब चार मिनट की बातचीत में एएसपी ने ज्यादा बात नहीं की। उसने मोबाइल की स्क्रीन पर 2 करोड़ रुपए लिखकर बताए और सज्जन सिंह से बात करने को कहा।

फरार रीडर की एसओजी में फिर तैनाती

मामले में फरार रीडर कॉस्टेबल जसवंत राव की प्रदेशभर में एसओजी में की गई नई तैनाती भी चर्चा में है। पुलिस महानिदेशक कार्यालय ने एसओजी एडीजीपी की अनुशंसा पर 30 कांस्टेबलों को अलग-अलग शहरों की एसओजी में लगाया है। इनमें जसवंत राव को भी एक साल के लिए एसओजी में लगाया गया है।

एसीबी उसके पकड़े जाने के बाद एएसपी और रीडर को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी। एसीबी सोने के बैंगल, घड़ी, जमीन के दस्तावेज और तीन खाली चेक के संबंध में भी पूछताछ करेगी।

परिवादी का आरोप है कि गिरफ्तारी के दौरान एसओजी ने 2 किलो सोना और 11 लाख रुपए नकद के साथ ये सामान जब्त किया, लेकिन बैंगल, घड़ी और जमीन के दस्तावेज जब्ती रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किए। एएसपी पूछताछ में ऐसे सामान की जब्ती से इनकार कर रहा है।