उदयपुर: 2 करोड़ रिश्वत मामले में एएसपी और दलाल की रिमांड बढ़ी, रीडर भी जांच के घेरे में
2 करोड़ रुपये रिश्वत मामले में गिरफ्तार एसओजी के एएसपी मुकेश कुमार सोनी और कथित दलाल सज्जन सिंह जैन की पुलिस रिमांड पांच दिन बढ़ा दी गई है।

2 करोड़ रिश्वत केस में एएसपी और दलाल की रिमांड 5 दिन बढ़ी।
जागरण संवाददाता, उदयपुर। 272 प्लॉट प्रकरण में राहत देने के बदले 2 करोड़ रुपए की कथित रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार एसओजी के एएसपी मुकेश कुमार सोनी और कथित दलाल सज्जन सिंह जैन की पुलिस रिमांड पांच दिन बढ़ा दी गई है।
तीन दिन का रिमांड पूरा होने पर बुधवार को दोनों को विशेष अदालत में पेश किया गया। एसीबी ने मामले की जांच के लिए पांच दिन की अतिरिक्त हिरासत मांगी, जिस पर अदालत ने दोनों को 3 अक्टूबर को पेश करने के निर्देश दिए।
इधर, मामले में एसओजी के रीडर जसवंत राव की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। वह 26 सितंबर के बाद से कार्यालय नहीं पहुंचा है और मोबाइल बंद है। एसीबी उदयपुर पुलिस के सहयोग से उसकी तलाश कर रही है।
एसीबी ने 26 सितंबर को एएसपी मुकेश सोनी के कथित दलाल सज्जन सिंह जैन को 2 करोड़ रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। इसके अगले दिन 27 सितंबर को एएसपी मुकेश सोनी को भी गिरफ्तार किया गया। अब जांच में रीडर जसवंत राव की भूमिका को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है।
एसओजी रीडर जसवंत राव की तलाश
एसीबी टीम रीडर जसवंत राव के घर सहित उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। शिकायतकर्ता निरंजन मोगरा के अनुसार 4 अगस्त को गिरफ्तारी के दौरान एसओजी ने उसके घर से सोने के दो बैंगल, सोने की घड़ी, प्लॉट से जुड़े दस्तावेज और डीवीआर सहित सामान जब्त किया था।
आरोप है कि कुछ सामान जब्ती रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया गया। जमानत के बाद जब मोगरा ने रीडर से सामान के बारे में पूछा तो उसे एएसपी से बात करने के लिए कहा गया। एसीबी इस आरोप की भी जांच कर रही है। मोगरा ने एसओजी कार्यालय में उसकी पत्नी से एसबीआई के खाली चेक पर हस्ताक्षर करवाने का भी आरोप लगाया है। संबंधित दस्तावेज और साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
जयपुर से नियुक्त एएसपी कर रहे जांच
जयपुर से एएसपी महावीर सिंह को मामले का जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने मंगलवार को उदयपुर एसीबी कार्यालय पहुंचकर रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की तथा मुकेश सोनी, सज्जन सिंह जैन और शिकायतकर्ता निरंजन मोगरा से पूछताछ की। एसीबी अब रीडर की भूमिका, कथित रिश्वत प्रकरण और जब्त सामान से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है।
