उदयपुर के आर्टिस्ट ने मूंग दाने जितने बड़े मक्का-मदीना बनाए, सऊदी अरब के प्रधानमंत्री को भेंट करेंगे
उदयपुर के स्वर्ण शिल्पी इकबाल सक्का ने मूंग के दाने के बराबर दुनिया के सबसे छोटे मक्का और मदीना शरीफ की कलाकृतियां बनाई हैं।

उदयपुर के इकबाल सक्का ने बनाई दुनिया की सबसे छोटी मक्का-मदीना प्रतिकृति
HighLights
इकबाल सक्का ने बनाए 1 मिलीमीटर के मक्का-मदीना।
कलाकृतियां केवल माइक्रोस्कोपिक लेंस से देखी जा सकती हैं।
सऊदी अरब के प्रधानमंत्री को भेंट करने की योजना।
जागरण संवाददाता, उदयपुर। उदयपुर के मशहूर स्वर्ण शिल्पी इकबाल सक्का ने सूक्ष्म कला का अनूठा नमूना पेश करते हुए दुनिया के सबसे छोटे मक्का और मदीना शरीफ का निर्माण किया है।
बारावफात (ईद मिलादुन्नबी) के मौके पर तैयार की गई यह कलाकृतियां मूंग के दाने के बराबर यानी महज 1 मिलीमीटर आकार की हैं, जिन्हें केवल माइक्रोस्कोपिक लेंस की मदद से ही देखा जा सकता है।
211 इंटरनेशनल वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करा चुके डॉ. सक्का ने इस अद्भुत रचना के साथ एक और उपलब्धि अपने नाम की है।
सोने का काबा और सऊदी के पत्थर से बना संगे अस्वद
डॉ. सक्का ने सोने से खाना-ए-काबा का पूरा ढांचा तैयार किया है। इसमें बारीक मीनारों के साथ सोने का एक मुख्य दरवाजा भी लगाया गया है। काबा शरीफ को उन्होंने काली मखमल पर खास डिजाइन की गई पोशाक से सजाकर पूरी तरह मूल स्वरूप दिया है।
मक्का शरीफ के दरवाजे की पूर्वी दीवार में चांदी की फ्रेम में जड़े जन्नती पत्थर (संगे अस्वद) की तरह ही उन्होंने सऊदी अरब से लाए गए एक ओरिजिनल पत्थर की बारीक कटिंग कर उसे चांदी की फ्रेम में जड़ा है, जो लेंस से देखने पर साफ नजर आता है।
हरा गुंबद और खिड़की भी बनाई
इसके साथ ही 1 मिलीमीटर साइज में मदीना-ए-मुनव्वरा की प्रतिकृति बनाई गई है। इसमें बारीक मीनारें, हरा गुंबद और गुंबद-ए-खिजरा के ऊपर एक छोटी सी खिड़की भी उकेरी गई है।
कलाकृति के साथ अरबी में 'ला इलाहा इल्लल्लाह' लिखा हुआ सऊदी अरब का राष्ट्रीय ध्वज और भारत का तिरंगा भी दर्शाया गया है।
सऊदी के प्रधानमंत्री को तोहफे में देंगे
इस पूरे मॉडल को बनाने में 7 दिन का समय लगा है। इसे तैयार करने में 2 ग्राम चांदी और 100 मिलीग्राम सोने का इस्तेमाल हुआ है। डॉ. इकबाल सक्का इन कलाकृतियों को 140 करोड़ देशवासियों की ओर से सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान को भेंट करना चाहते हैं।
इसके लिए उन्होंने नई दिल्ली स्थित सऊदी अरब दूतावास के राजदूत और सीधे सऊदी के पीएम को आधिकारिक पत्र भी भेजा है।
