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उदयपुर: प्रमोशन से 25 दिन पहले सेना के हवलदार जितेंद्र सिंह की मौत, सैन्य सम्मान के साथ दी गई विदाई 

Published: Sun, 11 Oct 2026 06:40 PM (GMT+05:30)

सेना के हवलदार जितेंद्र सिंह चौहान का असम में ड्यूटी के दौरान हृदयाघात से निधन हो गया, उन्हें 25 दिन ...और पढ़ें

प्रमोशन से ठीक पहले सेना के हवलदार जितेंद्र सिंह का निधन

प्रमोशन से ठीक पहले सेना के हवलदार जितेंद्र सिंह का निधन

जागरण संवाददाता, उदयपुर। पदोन्नति मिलने से महज 25 दिन पहले असम में ड्यूटी के दौरान हृदयाघात से सेना के हवलदार जितेंद्र सिंह चौहान (41) का निधन हो गया। शुक्रवार सुबह उनकी पार्थिव देह चित्तौड़गढ़ जिले में गंगरार क्षेत्र के पैतृक गांव सूरत सिंह जी का खेड़ा पहुंची, जहां सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

छोटे भाई ललित सिंह और 13 वर्षीय बेटी कीर्तिराज ने उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम विदाई के दौरान पत्नी श्याम कंवर पति की वर्दी सीने से लगाकर बिलख पड़ीं, वहीं पिता रघुवीर सिंह एक साल की पोती सौम्या को गोद में लिए अपने आंसू नहीं रोक सके।

सेना के अनुसार,हवलदार जितेंद्र सिंह चौहान का निधन असम में ड्यूटी के दौरान कार्डियक अरेस्ट से हुआ। आगामी 1 नवंबर को उन्हें हवलदार से नायब सूबेदार के पद पर पदोन्नति मिलनी थी। जून 2004 में सेना में भर्ती हुए जितेंद्र सिंह ने करीब 22 साल तक देश के विभिन्न हिस्सों में सेवाएं दीं। वर्तमान में वह 629 साटा बैटरी में आरटी हवलदार के पद पर तैनात थे।

फूलों से सजी सैन्य गाड़ी में निकली अंतिम यात्रा

असम में सैन्य और चिकित्सा संबंधी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पार्थिव देह एयर एंबुलेंस से गुरुवार रात जयपुर लाई गई। वहां से सड़क मार्ग से शुक्रवार तड़के चित्तौड़गढ़ पहुंचाया गया। सुबह करीब 7:45 बजे अंतिम यात्रा शुरू हुई।

फूलों से सजी सैन्य गाड़ी के आगे युवाओं की बाइक रैली चल रही थी। देशभक्ति के गीतों और ‘भारत माता की जय’ तथा ‘जितेंद्र सिंह अमर रहें’ के नारों के बीच ग्रामीणों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर जवान को श्रद्धांजलि दी।

अंतिम संस्कार से पहले एसडीएम नेहा मिश्रा, विधायक सुरेश धाकड़, पूर्व जिला महामंत्री देवी सिंह राणावत, पूर्व जिला प्रमुख भेरू सिंह चौहान सहित सेना और प्रशासन के अधिकारियों ने पुष्पांजलि अर्पित की। जितेंद्र सिंह के परिवार में पत्नी श्याम कंवर, दो बेटियां कीर्तिराज और सौम्या, बुजुर्ग माता-पिता तथा राजस्थान पुलिस में कार्यरत छोटे भाई ललित सिंह हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, वह छुट्टियों में गांव आने पर युवाओं को सेना में भर्ती होकर देश सेवा करने के लिए प्रेरित करते थे।