कोटा में दो छात्रों की मौत: एक ने पंखे पर फंदा डालकर दी जान, दूसरे की संदिग्ध हालत में मिली लाश
कोटा में छात्रों की मौत की दो अलग-अलग घटनाओं ने एक बार फिर छात्रों की सुरक्षा पर चिंताएं बढ़ा दी ...और पढ़ें

कोटा में दो छात्रों की मौत।
HighLights
कोटा में दो छात्रों की मौत, छात्र सुरक्षा पर गंभीर चिंता।
JEE अभ्यर्थी पीजी में फंदे से लटका मिला, पुलिस जांच जारी।
NEET छात्र की संदिग्ध मौत, हॉस्टल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप।
डिजिटल डेस्क, जयपुर। कोचिंग हब कोटा में छात्रों की मौत की दो अलग-अलग घटनाओं ने एक बार फिर छात्रों की सेहत और सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। इनमें से एक मामले में मृतक के परिवार ने हॉस्टल पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
मध्य प्रदेश के रहने वाला JEE अभ्यार्थी रविवार रात अपने पीजी में फंदे से लटका मिला। वहीं, बिहार का एक अन्य छात्र, जो NEET की तैयारी कर रहा था, शनिवार रात अपने हॉस्टल के बाथरूम में बेहोशी की हालत में मिला और रविवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
फंदे से लटका मिला अभ्यार्थी
ताज घटना में, जिसे पुलिस ने आत्महत्या बताया है, मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले का JEE अभ्यार्थी रविवार की रात महावीर नगर-1 स्थित अपने पीजी के कमरे में फंदे से लटका मिला।
सर्कल इंस्पेक्टर मुकेश मीणा ने बताया कि छात्र संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) की तैयारी के लिए 6 महीने पहले कोटा आया था।
मीणा के अनुसार, छात्र ने रविवार दोपहर एक कोचिंग संस्थान में मॉक टेस्ट दिया था। पीजी के कमरे में लौटने के बाद उसने फोन कॉल का जवाब देना बंद कर दिया और कई बार खटखटाने पर भी दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद पीजी के संचालक ने खिड़की के अंदर देखा तो छात्र फंदे से लटका हुआ मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अस्पताल पहुंचाया और परिजनों को सूचित किया।
मृतक के कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला- पुलिस
मीणा ने बताया कि मृतक के कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और इस कदम के पीछे की वजह अभी पता नहीं चल पाई है। उन्होने कहा कि पोस्टमार्टम किया जा रहा है और औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
वाथरूम में बोहोश मिला NEET अभ्यर्थी
दूसरी घटना में, बिहार के दरभंगा का रहने वाला NEET अभ्यर्थी गौतम कुमार, रविवार रात कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र के लैंडमार्क इलाके में अपने हॉस्टल के कमरे के बाथरूम में बेहोश मिला। उसे MBS अस्पताल ले जाया गया, जहां रविवार दोपहर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
दो साल से तैयारी कर रहा था छात्र
पुलिस ने बताया कि मृतक छात्र लगभग दो साल से कोटा में रह रहा था और उसने नेशनल एंट्रेंस-कम-एलिजिबिलिटी टेस्ट (NEET) पास करने के लिए दो बार प्रयास किए थे। दुखी परिजनों ने मौत के हालात पर संदेह जताया है। उनका कहना है कि यहां कोई भी जिम्मेदारी नहीं ले रहा है, न तो हॉस्टल प्रबंधन और न ही कोचिंग सेंटर।
मृतक के चचेरे भाई अखिलेश ने मोर्चरी के बाहर पत्रकारों से कहा कि हमें नहीं पता कि क्या हुआ, क्या वह बाथरूम में गिर गया, गलती से कोई जहरीली चीज खा ली, या उसके साथ कुछ और हुआ।
परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि दिन में चार बार खाना परोसे जाने के बावजूद, हॉस्टल प्रशासन ने छात्र की गैर-मौजूदगी पर ध्यान नहीं दिया। घटना का पता तब चला जब शनिवार रात परिवार ने पास के ही एक हॉस्टल में रहने वाले छात्र के एक अन्य चचेरे भाई से उसका हाल-चाल लेने के लिए संपर्क किया।
परिवार ने बताया कि गौतम पढ़ाई में अच्छा था और उस पर पढ़ाई को लेकर कोई तनाव नहीं था।
हॉस्टल प्रबंधन की लापरवाही और समय रहते कोई कदम न उठाए जाने का आरोप लगाते हुए, परिवार ने हॉस्टल प्रशासन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। सर्कल इंस्पेक्टर देवेश भारद्वाज ने बताया कि पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली है।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
