राजस्थान: कोटा के NMCH में 24 घंटे में दूसरी प्रसूता की मौत, सी-सेक्शन के बाद बिगड़ी थी तबीयत
कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) में 24 घंटे के भीतर सी-सेक्शन के बाद दो महिलाओं की मौत हो ...और पढ़ें

कोटा के NMCH में 24 घंटे में दूसरी प्रसूता की मौत। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
HighLights
कोटा NMCH में 24 घंटे में दो महिलाओं की मौत।
सी-सेक्शन के बाद प्रसव संबंधी जटिलताओं से हुई मौतें।
अस्पताल प्रशासन ने लापरवाही के आरोपों से किया इनकार।
डिजिटल डेस्क, कोटा। राजस्थान के कोटा में 'न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल' (NMCH) में 24 घंटे के भीतर सी-सेक्शन के बाद दूसरी महिला की मौत हो गई। प्रसव के बाद आई जटिलताओं की वजह से हुई इस घटना ने नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
शु्क्रवार को 40 साल की रेशमा री इलाज के दौरान मौत हो गई। 14 अक्तूबर को 'न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल' (NMCH) में उनकी चौथी सिजेरियन डिलीवरी हुई थी, जिसके बाद उन्हें किडनी से जुड़ी समस्याएं हो गईं। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही और उदासीनता का आरोप लगाया है।
24 घंटे के भीतर सी-सेक्शन के बाद दूसरी महिला की मौत
दूसरी मौत शनिवार दोपहर को हुई। बारां की रहने वाली रोशन बैरवा , जो गंभीर एनीमिया से पीड़ित एक हाई-रिस्क मरीज थीं, का एक रात पहले सी-सेक्शन हुआ था। अचानक आई जटिलताओं के कारण उनकी मौत हो गई। रोशन को शुक्रवार शाम एक निजी अस्पताल से NMCH में रेफर किया गया था। हालांकि, अस्पताल प्रशासन का दावा है कि उनकी मौत का कारण रेशमा की मौत के कारण से अलग था।
ज्यादा ब्लीडिंग की वजह से प्रसूता की मौत- NMCH
NMCH के अधीक्षक आशुतोष शर्मा ने बताया कि रोशन एक 'हाई-रिस्क' मरीज थीं, जिन्हें शुक्रवार शाम एक निजी अस्पताल से यहां रेफर किया गया था। सी-सेक्शन के बाद उन्हें प्रसवोत्तर अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। ब्लड ट्रांसफ्यूजन के बावजूद डॉक्टर ब्लीडिंग को रोक नहीं पाए और शनिवार सुबह 11:30 बजे उनकी मौत हो गई।
शर्मा ने स्पष्ट किया कि रोशन की मौत गंभीर PPH के कारण अत्यधिक खून बह जाने से हुई थी, और इसका किडनी फेलियर से कोई लेना-देना नहीं था।
परिजनों ने कानूनी कार्रवाई से किया इनकार
अधिकारियों ने बताया कि रोशन के परिजनों ने पोस्टमार्टम और आगे की किसी भी कानूनी कार्रवाई से इनकार करते हुए एक लिखित बयान दिया, जिसके बाद शव उन्हें सौंप दिया गया।
उन्होंने बताया कि एक और महिला, 30 वर्षीय अनीता, जिनका बुधवार को सी-सेक्शन हुआ था, उन्हें भी किडनी से जुड़ी जटिलताएं हो गईं। वह अस्पताल के सुपर-स्पेशियलिटी ब्लॉक में निगरानी में हैं, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। मई में इसी अस्पताल में एक ऐसी ही दुखद घटना सामने आई थी, जब प्रसव के बाद 12 महिलाओं को किडनी की गंभीर समस्या हो गई, जिनमें से पांच की मौत हो गई।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
