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कोटा के अस्पताल में सी-सेक्शन के बाद किडनी की परेशानी से महिला की मौत, ऑपरेशन के बाद कई महिलाओं को हुई परेशानी

Published: Sat, 17 Oct 2026 04:01 PM (IST)

कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सी-सेक्शन ऑपरेशन के बाद एक महिला की किडनी संबंधी समस्याओं से मौत हो ...और पढ़ें

अस्पताल की तस्वीर (फाइल)

अस्पताल की तस्वीर (फाइल)

HighLights

  1. कोटा अस्पताल में सी-सेक्शन के बाद महिला की मौत।

  2. परिजनों ने इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया।

  3. इस साल ऐसे कई अन्य मामले भी सामने आए।

डिजिटल डेस्क, कोटा। राजस्थान के कोटा शहर के अस्पताल में सी-सेक्शन ऑपरेशन के बाद महिला की मौत हो गई। महिला के परिजनों ने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। मिली जानकारी के अनुसार इलाज के बाद वहां कई महिलाओं को एक जैसी परेशानी सामने आई है। 

मामला है कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल का, जहां 40 साल की एक महिला का सी-सेक्शन (ऑपरेशन) हुआ। इसके बाद उन्हें किडनी से जुड़ी गंभीर समस्यायों का सामना करना पड़ रहा था, जिसके इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा

महिला का नाम रेशमा बताया जा रहा है। महावीर नगर पुलिस थाने के सर्कल इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह ने बताया कि कोटा जिले की छावनी इलाके की रहने वाली रेशमा की मौत शुक्रवार की देर रात हुई। मौत के बाद पोस्टमार्टम करा कर शव को उनके घर वालों को सौंप दिया जाएगा। वहीं पुलिस ने महिला के परिवार से मिली शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर लिया है।

12 महिलाओं में से पांच की मौत

पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही महिला की मौत की असली वजह सामने आ पाएगी। इस साल की शुरुआत में ही मई महीने में ऐसे कुछ हादसे सामने आ चुके हैं। प्रसव के लिए यहां आईं 12 महिलाओं में से पांच की मौत हो गई।

इन्हें हुई थी एक जैसी समस्या

कोटा जिले के निमोडा हरिजी गांव की रहने वाली अनीता (30) और रेशमा के बारे में मिली जानकारी के अनुसार उन्हें डिलीवरी के बाद ही किडनी की समस्या होने लगी। परिजनों ने बताया कि रेशमा अपनी चौथी और अनीता अपनी दूसरी सी-सेक्शन डिलीवरी के लिए यहां आई थी।

हालत खराब होने पर परिजन निजी अस्पताल लेकर गए लेकिन वापस आने पर शुक्रवार को उनकी मौत हो गई। इधर अनीता का इलाज चल रहा है और उसकी हालत में सुधार है। रेशमा के पति ने बताया कि ऑपरेशन के बाद उसे एक इंजेक्शन दिया गया जिसके बाद उसकी हालत खराब होने लगी और आखिरी में हम उसे बचाने में कामयाब नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि शरीर नीला पड़ गया और उन्हें काफी परेशानी होने लगी लेकिन अस्पताल वाले डायलिसिस नहीं शुरू किया। इसके साथ ही उन्हें कहीं और इलाज कराने के लिए दवाब डाला।