जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर महंगाई से तत्काल राहत दिलाने की मांग की है। पत्र में उन्होंने लिखा कि देश के बीपीएल परिवारों को स्वच्छ ईंधन मुहैया करवाने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्जवला योजना शुरू की थी। रसोई गैस के दाम बढ़ने के कारण यह योजना गरीब परिवारों को राहत देने में विफल साबित हो रही है। कोरोना के कारण लोग आजीविका के संकट से जूझ रहे गरीब गैस पर सब्सिडी खत्म करने के कारण सिलेंडर के दाम चुकाने में असमर्थ हैं। इसके कारण सिलेंडर रिफिल करवाने वाले उपभोक्तओं के प्रतिशत में निरंतर कमी आ रही है। यह गंभीर बात है। गहलोत ने कहा कि सब्सिडी खत्म करने से घरेलू रसोई गैस की कीमतों में जो बढ़ोतरी हुई है, वह उपभोक्ताओं के लिए असहनीय है। इससे लोगों के घर का बजट गड़बड़ा गया है। पिछले 18 माह से एलपीजी पर सब्सिडी नहीं दी जा रही है। मजबूरन गरीब व मध्यमवर्गीय महिलाएं लकड़ी और अन्य परपंरागत ईंधन का उपयोग कर रही हैं। 

गौरतलब है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के अनुरूप ही राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। अब राज्य कर्मचारियों व पेंशनर्स को एक जुलाई 2021 से 28 प्रतिशत महंगाई भत्ता देय होगा। पूर्व में राज्य कर्मचारियों व पेंशनर्स को 17 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा था। गहलोत के इस निर्णय का लाभ लगभग 15 लाख अधिकारियों-कर्मचारियों व पेंशनर्स को मिलेगा। बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ राज्य कर्मचारियों के अतिरिक्त कार्य प्रभारित कर्मचारियों, पंचायत समिति तथा जिला परिषद के कर्मचारियों को भी देय होगा। उल्लेखनीय है कि कोविड की परिस्थितियों के कारण केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता एक जनवरी, 2020 से 30 जून, 2021 तक स्थगित किया था। केंद्र सरकार द्वारा महंगाई भत्ते की घोषणा किए जाने के साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की दर में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का निर्णय किया है। कोविड की कठिन परिस्थितियों के बावजूद राज्य कर्मचारियों को संबल देने के लिए राज्य सरकार इस बढ़ोतरी पर सालाना करीब 4000 करोड़ रुपये वहन करेगी।