जयपुर, जेएनएन। Women Toilet. राजस्थान के थानों, चैकियों, पुलिस विभाग के कार्यालयों और प्रशिक्षण संस्थानों में महिलाओं के लिए अलग से पर्याप्त शौचालय नहीं हैं। पुलिस विभाग ने 680 महिला शौचालयों की जरूरत बताते हुए सरकार से 17 करोड़ रुपये की राशि मांगी है।

राजस्थान में 862 पुलिस थाने, 36 रिजर्व पुलिस लाइन, 18 आरएसी बटालियन मुख्यालय और 10 पुलिस प्रशिक्षण संस्थान हैं। इनमें वैसे तो 2805 महिला शौचालयो की जरूरत मानी गई है, लेकिन पुलिस ने फिलहाल 680 महिला शौचालय की तत्काल जरूरत मानी है और प्रति शौचालय 2.50 रुपये की लागत के हिसाब से सरकार से 17 करोड़ रुपये की सहायता मांगी है। राजस्थन के पुलिस महानिदेशक भूपेन्द्र सिंह यादव ने इस बारे में राज्य सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह राजीव स्वरूप को पत्र भी लिखा है।

बढ़ गई है महिला पुलिसकर्मियों की संख्या

दरअसल, पहले पुलिस बेड़े में महिला पुलिसकर्मी कम संख्या में होती थी, ऐेसे में पुलिस थानों और कार्यालयों में महिला शौचालय नहीं होने पर काम चल जाता था, लेकिन अब कांस्टेबल से लेकर डिप्टी एसपी स्तर तक महिला पुलिसकर्मियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। पुलिस महानिदेशक ने अपने पत्र में कहा है कि पुलिस थानों और कार्यालयों में महिलाओं के लिए अलग से शौचालय नहीं होने का मामला अक्सर सामने आता हैं। पुलिसकर्मियों के साथ होने वाली संपर्क सभाओं में भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाता रहा है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट, महिला आयोग और राज्य सरकार के नियमों में भी यह प्रावधान है कि महिलाओं के लिए अलग शौचालय होने चाहिए, लेकिन संसाधनों के अभाव में यह काम नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह है पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों में भी यह सुविधा पर्याप्त नहीं है और प्रशिक्षण लेने के लिए जाने वाली महिला पुलिसकर्मियों के लिए अस्थाई व्यवस्थाएं करनी पड़ती है।

पत्र में बताया गया है कि पूरे राज्य से मंगाई गई सूचनाओं के अनुसार करीब 2805 महिला शौचालयों की जरूरत है और इस पर करीब 70 करोड़ रुपये खर्च आएगा, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए फिलहाल 680 शौचालयों की तत्काल जरूरत है। इनमें पुलिस थानों में 389, रिजर्व पुलिस लाइन में 189, आरएसी बटालियन मुख्यालय पर 49 और पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों में 53 शौचालय बनाए जाने की तुरंत आवश्यकता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह न्यूनतम जरूरत बताई गई जिससे अभी काम चल जाएगा। पत्र सरकार के पास पहुंच गया है और इसकी वित्तीय स्वीकृति जारी करने की प्रक्रिया की जा रही है। 

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Posted By: Sachin Mishra

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