जयपुर, जागरण संवाददाता। राजस्थान के अलवर जिले के बहरोड में अतिक्रमण हटाने के लिए महिलाओं को लाठी के जोर पर तहसीलदार को लाना पडा। यह तहसीलदार कई बार कहने पर भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं कर रहा था।

जानकारी के अनुसार भीटेड़ा गांव में बहरोड़-मांढ़ण सड़क पर शीश वाले बाबा का प्राचीन मंदिर है। इसके सामने एक रास्ता है जिस पर काफी अतिक्रमण है। छह महीने पहले कोर्ट ने यहां से अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस दिया।अफसरों ने सिर्फ जुर्माना लगाया।

गांववाले लगातार अफसरों से कार्रवाई करने की गुहार लगाते रहे। लेकिन वे सिर्फ तारीख पर तारीख देते रहे। सुनवाई नहीं हुई तो गांव के गुस्साए महिला-पुरुष गुरुवार सुबह लट्ठ लेकर गाड़ियों में सवार होकर तहसीलदार कार्यालय पहुंचे।

तहसीलदार बाबूलाल मीणा ने तब भी टालमटोल की तो महिलाएं भड़क गईं और लाठियां दिखाते हुए तहसीलदार को बाहर ले आईं। ग्रामीणों के तेवर देख तहसीलदार ने गाड़ी निकलवाई और पटवारी को साथ लेकर उसमें बैठ गए।

चालक की जगह पटवारी बैठा तो महिलाओं को शक हो गया कि संभवतः तहसीलदार रास्ते में बचकर निकलना चाहते हैं। यह देख महिलाएं लाठियां लेकर उनकी सरकारी गाड़ी में बैठ गईं और साथ चलने पर अड़ गईं। बाकी महिलाएं दो वाहनों में तहसीलदार के वाहन के आगे और पीछे थीं। इसके बाद गांव में रास्ते से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कराई गई। 

By Preeti jha