जयपुर, जागरण संवाददाता। Coronavirus. कोरोना वायरस का खतरनाक जोन बना राजस्थान का भीलवाड़ा जिला जहां एक तरफ हुईं दो मौतों व पॉजिटिव मरीजों के लिए पहचाना जाता है, वहीं दूसरी तरफ जिले की एक महिला सरपंच ने आम लोगों का सहयोग नहीं मिलने के बावजूद खुद के बल पर अपने गांव के साथ ही आसपास के इलाकों में हाइपोक्लोराइड़ का स्प्रे कर रही है। यह है भीलवाड़ा जिले के देवरिया गांव की महिला सरपंच किस्मत गुर्जर।

किस्मत गुर्जर खुद अपनी पीठ पर मशील लगाकर हाथ से गांव में स्प्रे कर रही है। स्प्रे करने के साथ ही लोगों को अपने घर में रहने की सलाह भी दे रही है। दुनिया में फैल रहे कोरोना वायरस की चपेट में राजस्थान भी आया है। राजस्थान में सबसे अधिक पॉजिटिव मरीज 24 भीलवाड़ा में मिले हैँ। यहां दो लोगों की मौत हो चुकी और 11 हजार लोग संदिग्ध हैं। कम्युनिटी संक्रमण रोकने के लिए पिछले नौ दिन से भीलवाड़ा में कर्फ्यू लगा हुआ है। सरकारी मशीनरी लोगों के इलाज, समझाइश और स्प्रे करने में जुटी है, लेकिन किस्मत गुर्जर ऐसी अकेली जनप्रतिनिधि है, जो महिला होने के बावजूद कोरोना के खिलाफ जंग में खुलकर मैदान में उतरी है।

एक तरफ जहां किस्मत गुर्जर गांव में हाइपोक्लोराइड का स्प्रे करने में जुटी है, वहीं जिला मुख्यालय स्थित महात्मा गांधी चिकित्सालय में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का इलाज करने में जुटे अस्पताल अधीक्षक डॉक्टर अरुण गौड़ की टीम भी 'हम हैं हिंदुस्तानी' गाते हुए नजर आती है। यह टीम विश्वास जता रही है कि वो कोरोना का डटकर मुकाबला करेंगे और उसे हराएंगे।

उधर भीलवाड़ा जिला कलेक्टर राजेंद्र भट्ट पिछले दस दिन से घर नहीं सोए हैं। कलेक्ट्रेट में सुबह नौ बजे से रात 12 बजे से रहकर लोगों के इलाज के साथ ही भोजन सहित अन्य व्यवस्थाओं नजर रख रहे हैं। भट्ट ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में एक वॉर रूम बना रखा है, यहीं से वे सरकारी कामकाज निपटा रहे हैं । इसी वॉर रूम में सोने का प्रबंध कर रखा है। वे घर दिन में मात्र आधा घंटे के लिए जाते है वो भी दूर से ही परिजनों से मिलकर आ जाते हैं।

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Posted By: Sachin Kumar Mishra

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