जयपुर, [जागरण संवाददाता]। राजस्थान के अजमेर जिले के केकड़ी में अंधविश्वास के चलते महिला को डायन बताकर íनवस्त्र कर गांव में घूमाने के बाद धधकते अंगारों पर बिठाने के मामले में पुलिस ने रविवार देर रात से सोमवार सुबह तक कार्रवाई कर 5 लोगों को गिरफ्तार किया है,इनमें दो महिला के निकटम रिश्तेदार और तीन अन्य आसपास रहने वाले लोग शामिल है ।

शेष लोगों की गिरफ्तारी के लिए आसपास के गांवों में पुलिस द्वारा दबीश दी जा रहा है । इस पूरे प्रकरण के चलते महिला की मौत हो गई थी। मामले की जांच को लेकर राजस्थान महिला आयोग की टीम सोमवार सुबह महिला के घर पहुंची और उसके 13 वर्षीय बेटे एवं रश्तेदारों से बात कर पूरे प्रकरण की जानकारी ली । महिला आयोग की टीम ने गांव की कुछ महिलाओं से भी बात की । महिला आयोग की टीम की जांच में एक नई बात सामने आई कि जिस 40 वर्षीय महिला कान्यादेवी को 2 अगस्त को íनवस्त्र कर गांव में घूमाने के बाद धधकते अंगारों पर बिठाया गया,उसे यह सब करने से पहले गांव की नाली का पानी पिलाने के साथ ही कथित रूप से मल-मूत्र का सेवन करने को भी मजबूर कर दिया गया था ।

मृतक महिला के बेटे रमेश और भाई महादेव ने महिला आयोग की टीम को बताया कि पूरे मामले को लेकर 3 अगस्त को ही उन्होंने केकड़ी पुलिस थाने में शिकायत की थी,लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की । रविवार को मीड़यिा में मामला सार्वजिनक होने के बाद पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है ।

जिला पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र चौधरी ने बताया कि मामले की जांच के लिए प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी शंकरलाल मीणा,पुलिस उप निरीक्षक शंकर लाल चौधरी सहित चार अन्य पुलिसर्किमयों की टीम ने मृतक कान्यादेवी के बेटे,बेटी एवं अन्य परिजनों के बयान लेने के बाद जांच शुरू की और पांच लोगों को गिरफ्तार किया इनमें मृतका की ननद ¨पकी,ननदोई चन्द्रप्रकाश एवं आसपास के गोपीचंद, महावीर, सोनिया शामिला है । शेष आठ आरोपी फरार है,जिनकी तलाश की जा रही है । इधर महिला आयोग की अघ्यक्ष् सुमन शर्मा का कहना है कि दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी ।

 

Posted By: Preeti jha

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