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राजस्थान कांग्रेस को बड़ा झटका, पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने पार्टी छोड़ने के दिए संकेत, कहा-स्वाभिमान की मौत बेहतर

Published: Fri, 02 Oct 2026 11:27 PM (IST)

राजस्थान के पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद पार्टी ...और पढ़ें

पूर्व मंत्री ने कांग्रेस छोड़ने के लिए दिए संकेत

पूर्व मंत्री ने कांग्रेस छोड़ने के लिए दिए संकेत

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जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। गौरतलब है कि अशोक गहलोत सरकार में मंत्री रहे विश्वेंद्र सिंह ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद अब पार्टी छोड़ने के संकेत दिए हैं।

विश्वेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट में पार्टी अध्यक्ष को संबोधित करते हुए लिखा कि मेरा सार्वजनिक जीवन खुली किताब है, बेदाग है। मैंने अपने दामन पर कभी दाग न तो लगने दिया और न ही लगने दूंगा। ऐसी परिस्थिति में दम घुटने से मरने के बजाय स्वाभिमान की मौत मरना बेहतर है। मेरे पुरखों ने कभी ऐसी चीजों से समझौता नहीं किया, उनका अनुसरण करते हुए मैं भी आपको अलविदा कहने में ही अपनी भलाई समझता हूं। मैं शायद अब आपकी गलत रीति-नीति के साथ कदमताल नहीं कर पाऊंगा।

हालांकि, कांग्रेस ने कहा कि पार्टी को आधिकारिक रूप से इस्तीफा नहीं मिला, एक्स हैंडल उनका है या नहीं यह जानकारी नहीं है।

स्थानीय निकाय चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन से नाराज होकर विश्वेंद्र ने दो दिन पहले कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के खिलाफ बयानबाजी की थी। इसके बाद उनपर प्रदेश कांग्रेस ने कार्रवाई करने की सिफारिश की थी। पार्टी कोई फैसला लेती, इससे पहले ही विश्वेंद्र ने खुद कांग्रेस को अलविदा कहने का इशारा कर दिया। हालांकि, उन्होंने आधिकारिक रूप से इस्तीफा नहीं दिया है।

सूत्रों के अनुसार, विश्वेंद्र पिछले कुछ समय से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संपर्क में हैं।

गहलोत सरकार में थे पर्यटन मंत्री

विश्वेंद्र सिंह वर्ष 1988 में कांग्रेस के टिकट पर भरतपुर के जिला प्रमुख और 1989 में भरतपुर संसदीय क्षेत्र से जनता पार्टी के टिकट पर सांसद बने। वे 1993 में फिर कांग्रेस में शामिल हुए और नदबई सीट से विधायक निर्वाचित हुए। 1999 व 2004 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर सांसद बने। वर्ष 2008 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के राजनीतिक सलाहकार बने।

फिर 2008 में कांग्रेस के टिकट पर डीग सीट से विधानसभा का चुनाव लड़कर हार गए। 2013 और 2018 में कांग्रेस के टिकट पर फिर से विधायक बने। पिछली अशोक गहलोत सरकार में पर्यटन मंत्री रहे। सचिन पायलट की बगावत के समय वे उनके खेमे में शामिल थे।

डोटासरा बोले- मैं उनका छोटा भाई

डोटासरा ने कहा, विश्वेंद्र सिंह हमारी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। मैं उनका राज्यमंत्री रहा हूं। वे मुझे छोटा भाई मानते हैं। सोशल मीडिया के आधार पर हम कोई अवधारणा नहीं बना सकते हैं। उनकी कोई बात होगी तो सुनी जाएगी। यह अवश्य है कि ढाई वर्ष में संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर उनसे संवाद स्थापित नहीं हो सका। हालांकि, इस दौरान उन्होंने कोई आपत्ति दर्ज नहीं करवाई। मैं सोशल मीडिया के आधार पर अंतिम फैसला नहीं ले सकता।