विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Drishti IAS कोचिंग के विकास दिव्यकीर्ति को समन, 22 जुलाई को पेशी; अब खटखटाया HC का दरवाजा

By Agency Edited By: Prince Gourh
Published: Fri, 18 Jul 2025 01:30 PM (GMT+05:30)

दृष्टि IAS कोचिंग संस्थान के संस्थापक डॉ. विकास दिव्यकीर्ति एक विवाद में फंस गए हैं। न्याय व्यवस्था पर उनकी टिप्पणी ...और पढ़ें

विकास दिव्यकीर्ति पहुंचे राजस्थान हाई कोर्ट (फाइल फोटो)
विकास दिव्यकीर्ति पहुंचे राजस्थान हाई कोर्ट (फाइल फोटो)

HighLights

  1. अजमेर कोर्ट ने 22 जुलाई को कोर्ट में पेश होने का भेजा समन।
  2. राजस्थान हाईकोर्ट में 21 जुलाई को होगी याचिका पर सुनवाई।

पीटीआई, जयपुर। दृष्टि IAS कोचिंग संस्थान के संस्थापक डॉ. विकास दिव्यकीर्ति इन दिनों एक विवाद में फंसे हुए हैं।

वीडियो में न्याय व्यवस्था को लेकर कथित टिप्पणी के चलते उन पर मानहानि का केस दर्ज किया गया है। विकास दिव्यकीर्ति इस केस को रद करवाने के लिए अब राजस्थान हाई कोर्ट का रुख किया है।

क्या था वीडियो में?

इस वीडियो में न्यायपालिका और कानूनी व्यवस्था पर कुछ टिप्पणियां की गई थी, जो कथित तौर पर आपत्तिजनक मानी गई। इस मामले को लेकर अजमेर की एक निचली अदालत में शिकायत दायर की गई थी।

अदालत ने इस पर संज्ञान लेते हुए डॉ. विकास दिव्यकीर्ति को 22 जुलाई को कोर्ट में पेश होने का समन भेजा है। अब उन्होंने इस फैसले के खिलाफ राजस्थान हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।

21 को याचिका पर होगी सुनवाई

विकास दिव्यकीर्ति ने याचिका दायर कर मानहानि का मामला खारिज करने की मांग की है। उनकी याचिका पर 21 जुलाई को सुनवाई होगी और यह सुनवाई न्यायमूर्ति समीर जैन की बेंच में होगी।

क्या है मामला?

दरअसल, जो वीडिया सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था उसका टाइटल था 'IAS vs Judge- कौन ज्यादा ताकतवर'। इस वीडियो में विकास दिव्यकीर्ति छात्रों को क्लास देते दिखाई दे रहे थे।

क्लास के दौरान उन्होंने न्यायपालिका के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था जिसमें जज, वकील और कोर्ट के अधिकारी शामिल थे। इसी बात को लेकर वकीलों ने दृष्टि आईएएस कोचिंग के संस्थापक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया।

'ये विच हंट का हिस्सा है', रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ चार्जशीट पर बोले राहुल गांधी- ये तो 10 सालों से हो रहा है