जयपुर, जेएनएन। राजस्थान में परंपरागत वोट बैंक यानी राजपूतों की नाराजगी से भाजपा खासी चिंतित है। रूठों को मनाने के लिए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सोमवार को पार्टी के प्रमुख राजपूत नेताओं से भेंट कर नाराजगी का फीडबैक लिया और उन्हें जमीनी स्तर पर काम करने के निर्देश दिए। इसके लिए वरिष्ठ नेताओं को जिलास्तर पर राजपूत नेताओ से संपर्क करने को कहा गया है।

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री निवास पर सोमवार को हुई बैठक में मंत्री राजेन्द्र राठौड़, विधानसभा उपाध्यक्ष राव राजेन्द्र सिंह, मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर, मंत्री पुष्पेन्द्र सिंह, सैनिक कल्याण बोर्ड अध्यक्ष प्रेमसिंह बाजौर, जोधपुर जेडीए चैयरमेन महेन्द्र सिंह, शिवपाल सिंह नांगल और जगदीश सिंह लाडनूं मौजूद थे।

दरअसल राजे चार अगस्त से राजस्थान गौरव यात्रा शुरू कर रही हैं, जो राजपूतों के गढ़ माने जाने वाले मेवाड संभाग से शुरू हो रही है। सरकार और पार्टी को इस तरह की कुछ जानकारियां मिल रही हैं कि इस यात्रा के दौरान राजपूतों की पार्टी से नाराजगी सामने आ सकती है।

यात्रा के दौरान ऐसे हालात न बनें और किसी तरह का गलत संदेश न जाए, इसके लिए ही राजे ने पार्टी के प्रमुख राजपूत नेताओ को बुला कर जरूरी दिशा निर्देश दिए है। गौरतलब है कि पिछले चार वर्ष में राजपूत समुदाय सरकार के खिलाफ आनंदपाल एनकाउंटर, पद्मवत विवाद, जयपुर राजघराने की संपत्ति प्रकरण जैसे मामलों पर बड़े आंदोलन कर चुका है।  

Posted By: Preeti jha