जागरण संवाददाता, जयपुर। Rajasthan: राजस्थान में भाजपा के नेताओं में चल रही खेमेबाजी के बीच पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने रविवार को अपनी दो दिवसीय देवदर्शन यात्रा शुरू की। इस दौरान उन्हाने अपने विरोधियों को संदेश देते हुए कहा कि आज आपको याद दिलाना चाहती हूं राजमाता विजयाराजे सिंधिया के में बारे में जिन्होंने दीपक जलाने और कमल खिलाने का काम किया। उन्होंने दीपक की लौ को कभी कम नहीं होने दिया और ना ही कभी कमल को मुरझाने दिया। उनके रग-रग में भाजपा और राष्ट्रवाद भरा था। मैं उन्ही की बेटी हूं, याद रखो। दरअसल, दीपक जनसंघ का चुनाव चिन्ह था और अब कमल भाजपा का सिंबल है। वसुंधरा के भाषण की इन पंक्तियों को पार्टी के भीतर विरोधियों द्वारा आगामी दिनों में उनके भाजपा से अलग होने की अफवाह फैलाए जाने को लेकर माना जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भाजपा को मजबूत और राष्ट्रवाद को पोषित करने करने में हमारे परिवार का योगदान कम नहीं है। प्रदेश संगठन द्वारा दबे स्वरों में वसुंधरा के कार्यक्रम में शामिल नहीं होने को लेकर संगठन के पदाधाकारियों को दिए जा रहे संदेश के बीच उनके साथ चार सांसद, एक दर्जन विधायक और कई पूर्व मंत्रियों के साथ ही वरिष्ठ नेता भी पहुंचे। अपनी यात्रा के पहले दिन वसुंधरा राजे पहले तो राजस्थान में भरतपुर जिले के पूंछरी का लौठा पहुंची, यहां बड़ी संख्या में भाजपाइयों ने उनका स्वागत किया, वहीं उन्होंने अपना संबोधन भी दिया। इसके बाद वे यूपी में मथुरा जिले के गोवर्धन स्थित जतीपुरा और दानघाटी गईं, यहां पूजा-अर्चना की। यहां अपनी मां विजयाराजे को याद करते हुए कहा कि उन्होंने कहा था कि अकेले तीर्थ पूरा नहीं होता, इसलिए सभी को साथ लेकर यहां आई हूं। वसुंधरा बोलीं, मैं गिरिराज भगवान के सामने प्रार्थना करती हूं कि वे हमें ताकत दें। वसुंधरा ने गोवर्धन परिक्रमा भी की। सोमवार को वसुंधरा का जन्मदिन है। वे अपने जन्मदिन पर यहीं ब्रदीनाथ मंदिर में मंगला आरती में दर्शन कर पूजा-अर्चना करेंगी। इसके बाद हेलीकॉप्टर से धौलपुर जाएंगी।

अपनों के साथ अशोक गहलोत पर भी साधा निशाना

वसुंधरा ने एक तरफ जहां इशारों की इशारों में अपनों पर निशाना साधा, वहीं दूसरी तरफ अशोक गहलोत सरकार को भी घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार बदलने से विकास रुक गया। 13 जिलों की इस्टर्न कैनाल प्रोेजेक्ट का हमने काम शुरू किया था। इसी तरह 1600 करोड़ की लागत से बैराज का काम शुरू किया था। गिरिराज भगवान हमें ताकत दे कि दो हिस्सों में बंटी गहलोत सरकार को हम सब मिलकर उखाड़ फेंके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बहुत-बहुत आभार जिन्होंने राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। इस मौके पर सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया, रंजीता कोली, मनोज राजोरिया, रामचरण बोहरा, पूर्व मंत्री युनूस खान, कालीचरण सराफ, कैलाश मेघवाल, प्रभुलाल सैनी, हेम सिंह भड़ाना, कृष्णेंद्र कौर, बाबूलाल वर्मा, प्रताप सिंह सिंघवी, राजपाल सिंह शेखावत और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी सहित एक दर्जन विधायक व वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

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