जयपुर [ नरेन्द्र शर्मा ]। 'मिशन-180' की तैयारी में जुटी राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे प्रदेश के आधे से अधिक वर्तमान विधायकों के टिकट काटना चाहती है। इनमें पांच मंत्री और तीन संसदीय सचिव शामिल है। मुम्बई की एक निजी एजेंसी से करवाए गए सर्वे और राज्य गुप्तचर ब्यूरो की पिछले दिनों मिली रिपोर्ट से वसुंधरा राजे उत्साहित है। इन दोनों रिपोर्ट में मई माह से भाजपा की स्थिति में पहले के मुकाबले थोड़े सुधार की बात कही गई है।

सर्वे करने वाली निजी एजेंसी के सर्वेयर 20 जून से 5 जुलाई तक राज्य के सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में गए और उन्होंने वर्तमान विधायक के बारे में आम लोगों के सोच, सरकार के बारे में सोच और आगामी विधानसभा चुनाव में संभावित भाजपा उम्मीदवारों को लेकर फीडबैक लिया है। इस फीडबैक में सामने आया कि पहले के मुकाबले भाजपा की स्थिति में सुधार हुआ है। सुधार के पीछे मुख्य कारण कांग्रेस के नेताओं की आपसी गुटबाजी, भाजपा के मुकाबले कांग्रेस में सीएम का चेहरा तय नहीं होने, युवा मतदाताओं में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता और सरकार द्वारा गांवों में चलाए जा रहे राजस्व अभियान, जल स्वावलम्बन अभियान एवं रात्रि चौपाल को बताया गया है।

सर्वे एजेंसी और गुप्तचर ब्यूरो दोनों ने ही वर्तमान 160 विधायकों में से करीब 100 विधायकों के टिकट बदलने की सिफारिश की है। इनमें राज्य के जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री नन्दलाल मीणा, चिकित्सा राज्यमंत्री बंशीधर बाजिया, शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी, सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री धनसिंह रावत शामिल है। दोनों ही एजेंसियों ने विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल, संसदीय सचिव ओम प्रकाश, भैराराम सियोल और विश्नाथ का टिकट काटने की भी सिफारिश की है।

मुख्यमंत्री सचिवालय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सर्वे एजेंसी और गुप्तचर ब्यूरो की रिपोर्ट मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने करीब 100 वर्तमान विधायकों के टिकट काटने को लेकर मन बनाया है। इस बारे में उन्होंने प्रदेश प्रभारी अविनाश खन्ना के साथ प्रारम्भिक दौर की चर्चा कर ली है।

अब पार्टी के नये प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल सैनी के साथ विचार-विमर्श के बाद मुख्यमंत्री केन्द्रीय नेतृत्व के समक्ष अपनी बात रखेगी। जानकारी के अनुसार वसुंधरा राजे ने अपने विश्वस्तों के माध्यम से संभावित उम्मीदवारों को लेकर भी चर्चा प्रारम्भ कर दी है।

Posted By: Bhupendra Singh