जागरण संवाददाता, जयपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए संचालित हो रही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना (मनरेगा) की तर्ज पर राजस्थान के शहरों में रोजगार उपलब्ध करवाने के लिहाज से इंदिरा गांधी शहरी रोजगार योजना स्वीकृत की गई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को इंदिरा गांधी शहरी रोजगार योजना के दिशा-निर्देशों को स्वीकृति दी है। इस योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को प्रतिवर्ष 100 दिन का रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा। इस योजना के लिए राज्य सरकार ने 800 करोड़ के बजट का प्रावधान किया है। तय दिशा-निर्देशों के अनुसार स्थानीय निकाय क्षेत्र में रह रहे 18 से 60 साल तक की उम्र के लोगों का जन आधार कार्ड के आधार पर पंजीयन किया जाएगा। योजना के तहत अर्धकुशल श्रमिकों को न्यूनतम 259 और कुशल श्रमिकों को 283 रुपये व अत्यधिक कुशल श्रमिकों को 333 रुपये दिए जाएंगे।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की दरों में कमी की है। इसके बाद राजस्थान में पेट्रोल नौ रुपये 55 पैसे और डीजल सात रुपये 20 पैसे प्रति लीटर सस्ता हो गया है। अब राजस्थान में पेट्रोल प्रति लीटर की कीमत घटकर 108 रुपये 48 पैसे और डीजल की कीमत 93 रुपये 72 पैसे तक पहुंच गई है। केंद्र सरकार के फैसले पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा कि केंद्र सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी में कटौती करने से राज्य सरकार का पेट्रोल पर 2.48 रुपये प्रति लीटर व डीजल पर 1.16 रुपये प्रति लीटर वैट भी कम होगा। ऐसे में राज्य सरकार को प्रतिवर्ष करीब 1200 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा। गहलोत ने कहा कि इससे पहले भी आम जनता को राज्य सरकार ने राहत देने के लिए वैट में कटौती की थी, जिससे राज्य सरकार को 6300 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। पूर्व की और अब नई कटौती जोड़कर राज्य सरकार को साढ़े सात करोड़ का नुकसान होगा। दरों में कटौती के बाद जयपुर में पेट्रोल 108 रुपये 48 पैसे और डीजल 93 रुपये 72 पैसे प्रति लीटर उपभोक्ताओं को मिलेगा। भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष हिमांशु शर्मा ने केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार को वैट में कटौती करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य सरकार पर दबाव बनाया जाएगा।

Edited By: Sachin Kumar Mishra