जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं के पर्चे लीक मामले को लेकर मंगलवार को विधानसभा से लेकर सड़क तक हंगामा हुआ। हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही दस मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी । प्रतिपक्ष के विधायकों के सवालों का जब शिक्षामंत्री डॉ.बी.डी.कल्ला जवाब नहीं दे सके तो संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने सरकार का पक्ष रखते हुए पर्चे लीक करने वालों के खिलाफ अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी दी। प्रतिपक्ष के विधायकों ने पर्चे लीक मामले की सीबीआई से जांच करवाने की मांग की।

उधर भाजपा के राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा अपने समर्थक युवाओं के साथ दौसा से चलकर जयपुर पहुंचे। हालांकि उन्हे जयपुर शहर की सीमा में प्रवेश करने से पूर्व ही पुलिस ने रोक दिया। इससे नाराज मीणा जयपुर-आगरा राजमार्ग पर धरने पर बैठ गए। मीणा के धरने में शामिल युवाओं ने जमकर हंगामा किया।

मीणा ने कहा, अशोक गहलोत सरकार जब तक सीबीआई जांच की मांग स्वीकार नहीं करती तब तक धरना जारी रहेगा। मीणा के धरने के कारण जयपुर-आगरा राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया । पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी उन्हे समझाने में जुटे रहे ।

धारीवाल ने प्रतिपक्ष की सीबीआई जांच की मांग को नामंजूर करते हुए कहा राज्य का स्पेशल आपरेशन ग्रुप (एसओजी) पेपर लीक मामले की सही जांच कर रहा है। अब तक 241 लोगों को गिरफ्तार किया है। हाल ही में चार सरकारी कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है।

प्रतिपक्ष ने सरकार को घेरा

विधानसभा में पर्चे लीक मामले को लेकर हुई चर्चा में प्रतिपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया, उप नेता राजेंद्र राठौड़, विधायक कालीचरण सराफ, मदन दिलावर और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नारायण बेनीवाल ने सरकार को घेरा। इन्होंने सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों के इस मामले में शामिल होने का आरोप लगाया।

प्रतिपक्ष के विधायकों ने कहा कि सरकार ने जयपुर में पर्चे लीक के मुख्य आरोपित सुरेश ढाका के जिस कोचिंग संस्थान के भवन पर बुलडोजर चलवाया वह किराये के मकान में चल रहा था। सरकार की कार्यवाही के कारण मकान मालिक अनिल अग्रवाल का स्वास्थ्य बिगड़ गया और वह अस्पताल में भर्ती हो गया ।

राठौड़ ने कहा कि सरकार ने 18 प्रतियोगी परीक्षाएं करवाई,जिनमें से 16 के पर्चे लीक हुए हैं। भाजपा विधायकों ने कहा कि यदि सीबीआई की जांच हो तो सीएम,मंत्री और अधिकारी जेल जाएंगे। बेनीवाल ने इस मामले में मुख्यमंत्री सचिवालय में पूर्व में तैनात रहे भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अमित ढाका को इस मामले का जिम्मेदार बताया।

सरकार की तरफ से जब धारीवाल बयान देने के लिए खड़े हुए तो कटारिया ने बहिष्कार करने की बात कही और भाजपा विधायकों ने नारेबाजी व हंगामा प्रारंभ कर दिया। इससे नाराज अध्यक्ष डॉ.सी.पी.जोशी ने सदन की कार्यवाही दस मिनट के लिए स्थगित की।

सदन की कार्यवाही फिर प्रारंभ हुई तो धारीवाल ने जवाब दिया । उन्होंने कहा कि नकल और पेपर लीक के खिलाफ सरकार ने सख्त कानून बनाया है। संपति जब्त की जा रही है। सरकारी कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है।

इस तरह के मामलों की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी से करवाने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले कल्ला ने कहा, भूमाफिया और शराब माफिया की तरह प्रदेश में नकल माफिया पनप गए हैं। उन्होंने देश के अन्य राज्यों एवं केंद्र सरकार की भर्ती परीक्षा के पर्चे लीक होने की बात कही तो प्रतिपक्ष के विधायकों ने टोका-टोकी की।

मीणा समर्थकों का हंगामा

जयपुर-आगरा राजमार्ग पर धरने पर बैठे मीणा ने कहा कि 16 से ज्यादा भर्ती परीक्षा पर्चे लीक कि वजह से रद्द हो चुकी है। जिससे प्रदेश के हजारों युवाओं का भविष्य खतरे में आ गया है। ऐसे में इस प्रकरण की सीबीआई से जांच होनी चाहिए।

क्योंकि नकल प्रकरण में मंत्री, विधायक, अधिकारी और कांग्रेस के पदाधिकारी भी शामिल है। मीणा ने कहा, सुरेश ढाका लंबे समय से कोचिंग मीणा समर्थकों ने जमकर हंगामा किया। इससे पहले मीणा अपने समर्थकों के वाहनों के काफिलों के साथ दौसा जिला कलक्टर कार्यालय से रवाना होकर जयपुर सीमा पर पहुंचे।

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Edited By: Shashank Mishra

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