जोधपुर, जागरण संवाददाता। राजस्थान में बिजली संकट के कारण बाधित हो रही विद्युत आपूर्ति के बीच केंद्रीय संस्कृति में पर्यावरण राज्य मंत्री अर्जुन मेघवाल का एक रात चांद के साथ बिताने का बयान आया है। जोधपुर में अर्जुन मेघवाल शुष्क वन अनुसंधान संस्थान आफरी के कार्यक्रम में शिरकत कर रहे थे। जहां उन्होंने संस्कृति एंव पर्यावरण मानव जीवन के अभिन्न अंग है बताते हुए देश की संस्कृति एवं पर्यावरण को बचाना सभी का कर्तव्य बताया।

केन्द्रीय संसदीय एवं संस्कृति राज्य मंत्री अर्जुन मेघवाल ने शुष्क वन अनुसंधान संस्थान आफरी के समाचार में पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग एवं आफरी के अधिकारियों के साथ बैठक मे भारत का अमृत महोत्त्सव के बारे मे बताते हुए बिजली संरक्षण के लिए ‘‘ एक रात चाॅद के साथ’’ कार्यक्रम के जिक्र करते हुए सभी से एक दिन बिजली न जलाकर सभी परिवार के साथ पूर्णिमा की रोशनी में छत पर कार्यक्रम करने का आव्हान किया।

उन्होंने कहा कि इससे न केवल बिजली की बचत होगी वरन् सामाजिक रिश्तों मे भी मजबूती आएगी। अर्जुन मेघवाल ने बताया कि प्रकृति के लिए किसी जाति-धर्म का स्थान नही है वरन् वह सभी के लिए एक समान है । उन्होनें महिलाओं की भूमिका, परिस्थितिकी एवं जलवायु परिवर्तन स्थानीय वनस्पतियों के महत्त्व तथा प्राचीन ग्रंथों में संस्कृति एवं पर्यावरण के सम्बन्धों को अपने व्याख्यान में उदाहरण देकर समझाया।

इस अवसर पर आफरी निदेशक एम. आर. बालोच भाव से ने भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद्, देहरादून एवं आफरी के संगठन एवं शोध कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होने मंत्री जी का स्वागत करते हुए उनके पर्यावरण प्रेम पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के आरम्भ में आफरी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ. तरूणकांत ने मंत्री जी का परिचय एवं उनके कार्याे के बारे में जानकारी दी।

इस दौरान मंत्री जी द्वारा आफरी परिसर मे चन्दन का पौधा भी लगाया गया उन्होने पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के कार्यालय का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम के दौरान जोधपुर महापौर वनिता सेठ एंव अन्य पदाधिकारियों ने केन्द्रीय मंत्री से मुलाकात की।

Edited By: Priti Jha