जयपुर, जागरण संवाददाता। भरतपुर जिले में मानवता को शर्मशार कर देने वाला एक मामला सामने आया है। इस मामले में चिकित्सक शव का पोस्मार्टम मोर्चरी के बाहर खुले आसमान में कर रहे है। हैरान कर देने वाली बात ये है कि चिकित्सक और उसके सहयोगियों ने पोस्मार्टम के दौरान किसी तरह का पर्दा भी नहीं लगाया था, जिससे की उसे छिपाया जा सके।

मामला भरतपुर जिले में मेवात इलाके के जुरहरा थाना के गांव सोनोखर का है। मंगलवार को यहां एक तालाब में संदिग्ध अवस्था में किशोर राजपूत नाम के एक व्यक्ति का शव पड़ा मिला। लोगों की सूचना पर जुरहरा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया। इसके बाद पुलिस शव को कामां अस्पताल ले गई, जहां करीब 2 घंटे तक शव गाड़ी में ही रखा रहा। दो घंटे बाद चिकित्सा अधिकारी प्रभारी प्रमोद बंसल आए और शव को बिना मोर्चरी में रखवाए ही गाड़ी से नीचे उतरवाकर स्ट्रैचर पर रखवा दिया। उसके बाद खुले आसमान के नीचे ही शव का पोस्मार्टम शुरू कर दिया।

ऐसे में स्थानीय लोगों ने खुले में पोस्टमार्म करने पर अपनी नारजगी जताई,लेकिन चिकित्सक ने साफ कह दिया कि पोस्टमार्टम कराना है तो कराओ नहीं तो मै जा रहा हूं। इस पर लोग शांत हो गए। पुलिस के अनुसार मृतक किशोर राजपूत की नहर में गिरने मौत हुई है।

सड़क पर शव का पोस्टमार्टम किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हरकत में आए चिकित्सा विभाग ने चिकित्सा अधिकारी बंसल से जवाब तलब किया है। इस बारे में जिला कलेक्टर से बात करने का प्रयास किया गया,लेकिन वे बोलने को तैयार नहीं हुए।  

Posted By: Preeti jha