उदयपुर, जेएनएन। सूरजपोल थाना पुलिस ने दो महीने की दुधमुही बच्ची का छह लाख रुपये में सौदा किए जाने के मामले में अजमेर के एक दंपती को गिरफ्तार किया है। अदालत के निर्देश पर बुधवार को उन्हें जेल भेज दिया गया। इससे पहले पुलिस ने दंपती के बयान लिए, जिससे शंका है कि बच्चा चोरी का संभव है। विरोधीभास बयानों में जहां महिला ने बच्ची को अपनी निकट रिश्ते में लगने वाली बहन का बताया, जबकि उसके पति का कहना है कि उन्हें एक लाचार महिला ने बच्ची को पालने के लिए दिया था। अब पुलिस सच्चाई का पता लगाने में

जुटी है। 

दंपती ने बच्ची अजमेर के क्लॉक टावर थाना क्षेत्र से लाना बताया है लेकिन वहां उसके माता-पिता का अभी तक पता नहीं चला। ना ही किसी ने अपने बच्ची के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने रेलवे थाना से भी जानकारी ली है। इधर, सूरजपोल थानाधिकारी रामसुमेर का कहना है कि पकड़े गया दंपती मोहम्मद सुब्हान पुत्र मोहम्मद हनीफ तथा उसकी पत्नी वीना उर्फ सगुफ्ता है। जो इन दिनों अजमेर के क्लॉक टावर क्षेत्र में रहते हैं। जबकि उदयपुर शहर के चमनपुरा मूल के हैं। वीना के वाल्मीकि समाज से होने के कारण दोनों के परिवारों ने उनसे रिश्ता तोड़ रखा है तथा पिछले दो महीने से अजमेर में रह रहे थे।

मंगलवार को वह बच्ची को लेकर उदयपुर आए थे और यहां चम्पालाल माहेश्वरी धर्मशाला में ठहरे हुए थे। उन्होंने बच्ची को बेचने के लिए कुछ लोगों से बात की थी और छह लाख रुपए में सौदा किए जाने की बात सामने आई थी। बच्ची के सौदे की सूचना पर पायड़ा गांधीनगर निवासी मोहम्मद नौशाद भी उसे देखने धर्मशाला पहुंचा था। उसी के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली थी। पुलिस ने दंपती को गिरफ्तार करने के बाद बालिका को राजकीय शिशुगृह को सौंप दिया है। इधर, बाल कल्याण समिति के सदस्य हरीश पालीवाल का कहना है कि बच्ची स्वस्थ है। उसके माता-पिता का पता लगाने के लिए उदयपुर और अजमेर के समिति सदस्य जुटे हुए हैं।

 

Posted By: Preeti jha