उदयपुर, संवाद सूत्र। घटते जंगल की वजह से तेंदुओं की मुश्किल बढ़ने लगी हैं। ऐसे में उन्हें शिकार के लिए भटकना पड़ रहा है, जिसके चलते कई बार वह दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं। बुधवार को उदयपुर तथा नजदीकी जिले सिरोही में दो तेंदुओं की मौत हादसों में हो गई। एक तेंदुआ शिकार के लिए ट्रांसफार्मर पर चढ़ा और करंट की चपेट में आ गया, जबकि दूसरा कुएं में जा गिरा। उदयपुर के समीप रेबारियों की ढाणी में ट्रांसफार्मर पर बैठे मोर का शिकार करने के लिए जैसे ही तेंदुए ने छलांग लगाई और ट्रांसफार्मर तक पहुंचा तो वह करंट की चपेट में आ गया। उसका शव ट्रांसफार्मर पर मिला। जिसके बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचित किया। जिस पर सहायक वनपाल बसंती जाट टीम सहित वहां पहुंची तथा बिजली बंद कराने के बाद मोर तथा तेंदुए का शव ट्रांसफार्मर से उतरवाया गया। जांच से यही पता चला कि करंट से पहले मोर की मौत हो गई थी और उसका शिकार करने तेंदुआ ट्रांसफार्मर पर चढ़ा और मारा गया। बुधवार सुबह पशु चिकित्सालय में मोर तथा तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम कराया गया और बाद में सज्जनगढ़ बायोलाजिकल पार्क में उनका अंतिम संस्कार करा दिया गया। बताया कि करंट से मृत तेंदुआ चार साल की मादा थी।

सिरोही में कुएं में डूबने से तेंदुए की मौत

उधर, सिरोही जिले के सारंगवास गांव में बुधवार को एक तेंदुए की मौत कुएं में डूबने से हो गई। तेंदुए को ग्रामीणों ने सारंगवास गांव के निकट खेत में बने 130 फीट गहरे कुएं में देखा था। जो कुएं में लटकी पानी की मोटर पर बैठा था। इस मोटर को बाहर खींचकर उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेंदुए ने कुएं से बाहर निकलने के लिए जैसे ही छलांग लगाई तो वह कुएं में जा गिरा। जिसके बाद वह लगातार दस मिनट तक जीवन और मौत के बीच संघर्ष करता रहा और अंत में डूब गया। राजसमंद से गई वन विभाग की टीम तेंदुए को निकालने के प्रयास में जुटी है। बताया गया कि खेत पाली जिले के भादरला के श्रवण सिंह राजपूत का था और वह कुएं में लगी मोटर को बाहर मरम्मत के लिए निकलवाना चाहता था। बुधवार सुबह जब वह कुछ ग्रामीणों को लेकर कुएं पर पहुंचा तो उसने मोटर पर एक तेंदुए को मोटर पर बैठे देखा था।  

Edited By: Sachin Kumar Mishra