उदयपुर, संवाद सूत्र। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) उदयपुर की टीम ने गुरुवार को उदयपुर शहर से निकट सीसारमा गांव के पटवारी को ढाई हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। उसने खरीदी गई कृषि भूमि के नामांतरण के एवज में रिश्वत की मांग की थी। वहीं, एसीबी ने बाड़मेर के धोरीमना से दो लोगों को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। सीसारमा गांव के पटवारी योगेश नागदा को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो उदयपुर की टीम ने गिरफ्तार किया। पटवारी के खिलाफ शैतान सिंह नामक ग्रामीण ने शिकायत की थी। ग्रामीण ने बताया कि उसने अपनी पत्नी के नाम कृषि भूमि खरीदी थी। उसकी रजिस्ट्री वह करवा चुका है। उसके नामांतरण का काम बाकी थी। इसके लिए वह पटवारी योगेश नागदा से मिला था। वह उसे लगातार टालता रहा तथा बाद में उसने काम के एवज में ढाई हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी।

इस तरह हुई गिरफ्तारी

बताया गया कि रिश्वत राशि नहीं दिए जाने से उसने नामांतरण की प्रोसेस शुरू ही नहीं की थी। इसके बाद शैतान सिंह ने उसे गुरुवार को रिश्वत राशि देने के लिए कहा। इस बीच, उसने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश ओझा से शिकायत कर दी थी। पटवारी योगेश ने गुरुवार दोपहर रिश्वत राशि के साथ शैतान सिंह को उसके सब सिटी सेंटर स्थित आवास पर बुलाया था। यहां उसके रिश्वत लेने के बाद उप अधीक्षक सोनू शेखावत के निर्देशन में पहुंची टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। बताया गया कि पटवारी के पास उदयपुर के निकट कानपुर गांव का भी अतिरिक्त प्रभार है और इसके चलते वह उदयपुर में सब सिटी सेंटर पर मकान किराए से लेकर रह रहा था। ब्यूरो ने उसके घर से मामले से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए हैं। पता चला है कि पटवारी के घर से भूमि संबंधी अन्य कई फाइलें भी मिली हैं। जिनको लेकर रिश्वत मांगे जाने की जांच की जा रही है।  

बाड़मेर में रिश्वत लेते दो गिरफ्तार

जोधपुर संवाद सूत्र के मुताबिक, एसीबी की कार्रवाई में बाड़मेर के धोरीमना से दो लोगों को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है। वही, एक एएसआइ की भूमिका भी संदिगध है, उसको लेकर पूछताछ की जा रही है। बाड़मेर के धोरीमन्ना में एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भोपाल सिंह लखावत के निर्देशन में टीम ने कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया हैं। जोधपुर ग्रामीण से आई एसीबी की विशेष टीम ने गोपनीय परिवाद के आधार पर कार्रवाई की है। परिवादी ने एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई कि उसके पुत्र और भतीजे के खिलाफ धोरीमन्ना थाने में कोई मामला दर्ज था जिससे उसके पुत्र श्रवणराम का नाम निकलवाने के एवज में जांच अधिकारी एएसआइ मगन खान ने अपने दलाल और कस्बे में गजानंद ईमित्र संचालक ताराराम से मिलवाया। इसके बाद मामले से नाम निकालने के लिए 50 हजार रुपये की रिश्वत राशि की मांग की।

एसीबी ने रंगेहाथों दबोचा

जांच में सत्यापन होने के बाद ट्रैक कार्रवाई को अंजाम दिया गया। गुरुवार को ट्रेप कार्रवाई के दौरान परिवादी से 50 हजार रुपये की राशि लेकर ताराराम ने पास बैठे बीरबल राम को दी। तब टीम ने रंगेहाथों उसे गिरफ्तार कर पैंट की जेब से 50 हजार नकद बरामद किए। टीम ने दलाल ताराराम और बीरबल को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी हैं। मामले में सहायक उप निरीक्षक की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। इसको लेकर एएसआइ मगन खान से भी पूछताछ की जा रही है। एसीबी के उपमहानिरीक्षक कैलाशचन्द्र बिश्नोई के सुपरविजन में हुई ट्रैप कार्रवाई की किसी को भनक नहीं लगी। रिश्वत राशि आदान-प्रदान करते न तो दलालों को भनक पड़ी और ना ही आरोपित जांच अधिकारी मगन खान भांप पाया।

Edited By: Sachin Kumar Mishra