जयपुर, जेएनएन। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे आज से राजस्थान गौरव यात्रा की शुरुआत हो गई है।राजस्‍थान में एक बार फिर कमल खिलाने के लिए मुख्‍यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया की 40 दिन तक चलने वाली 'राजस्‍थान गौरव यात्रा' शनिवार को शुरू हो गई। बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह और वसुंधरा राजे ने राजसमंद जिले में स्थित चारभुजाजी मंदिर में दर्शन-पूजन के साथ ही इस यात्रा की शुरुआत की। बीजेपी का मकसद करीब 165 विधानसभा सीटों से होकर गुजरने वाली इस यात्रा के जरिए राजपूत मतदाताओं को मनाना है जो इन दिनों पार्टी से नाराज चल रहे हैं।  

राजपूत मतदाताओं का गढ़ समझे जाने वाले राजसमंद में वसुंधरा ने महाराणा प्रताप, राणा कुंभा, भामाशाह, पन्ना धाय को नमन कर अपना मकसद भी साफ कर दिया। वसुंधरा राजे की यह बहुप्रचारित 'राजस्थान गौरव यात्रा' अगले 40 दिन तक 165 विधानसभा सीटों से होकर गुजरेगी। बता दें कि राजस्‍थान में विधानसभा की कुल 200 सीटें हैं। इस 6,000 किमी. यात्रा में राजे 135 रैलियों को संबोधित कर सकती हैं। 

वहीं यात्रा की शुरुआत करते हुए अमित शाह ने वसुंधरा राजे के काम की प्रशंसा की। उन्‍होंने कहा, 'राजस्थान में जिस प्रकार से बीजेपी सरकार चली है, उससे मुझे भरोसा है कि यहां की जनता एक बार फिर कमल के फूल की सरकार बनाकर नया इतिहास रचेगी।' अमित शाह ने रैली के दौरान असम के एनआरसी ड्राफ्ट का मुद्दा भी उठाया और कांग्रेध्‍य राहुल गांधी से जवाब मांगा। अमित शाह ने कहा, 'देश की सुरक्षा का सवाल है , लेकिन कांग्रेस को एनआरसी मुद्दे पर वोट बैंक दिखाई दे रहा है। मैं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि आप एनआरसी के मामले पर अपना स्टैंड क्यों नहीं क्लीयर कर रहे हैं। इसीलिये कि आपको उसमें अपना वोट बैंक नजर आ रहा है।' 

 इस यात्रा में वसुंधरा की कोशिश जनता के साथ सीधा संवाद साधने की रहेगी। इस दौरान उनका राज्‍य के प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन जारी रहेगा।चारभुजाजी मंदिर में दर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री कांकरोली स्थित द्वारकाधीश मंदिर में दर्शन करेंगी। इसके बाद नाथद्वारा के लिए रवाना हो जाएंगी। प्रदेश में साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी की इस यात्रा को शक्ति परीक्षण के रूप में देखा जा रहा है।  

इस यात्रा के महत्‍व का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि खुद अमित शाह इस रैली को रवाना करने के लिए राजसमंद पहुंचे हैं। बीजेपी की कोशिश राज्‍य में 180 सीटें जीतकर फिर से सत्‍ता में आने की है। बीजेपी को पिछले चुनाव में 163 सीटें मिली थीं। अब तक राज्य में सिर्फ एक बार बीजेपी लगातार सत्ता में आई है। उस समय पूर्व राष्ट्रपति और बीजेपी के दिग्गज नेता भैरों सिंह शेखावत ने 1990-92 तक शासन करने के बाद 1993 में सत्ता में वापसी की थी। 

दरअसल, वसुंधरा की इस यात्रा का मकसद राजपूत मतदाताओं का साधना है। राजपूत राज्‍य की कुल जनसंख्‍या का 7 प्रतिशत हैं और हाल के दिनों में हुई घटनाओं की वजह से बीजेपी से नाराज चल रहे हैं। वसुंधरा ने पिछले दिनों जोधपुर से राजपूत समुदाय के प्रभावशाली नेता गजेंद्र सिंह शेखावत को राजस्‍थान बीजेपी का अध्‍यक्ष बनाए जाने का विरोध किया था। इससे राजपूतों में उनकी छवि और ज्‍यादा खराब हो गई है। 

यही नहीं राजपूत समुदाय गैंगस्‍टर आनंद पाल सिंह के कथित फर्जी मुठभेड़ से भी नाराज है। यही नहीं देशभर में पद्मावत फिल्‍म दिखाए जाने से भी कई राजपूत बीजेपी से नाराज बताए जा रहे हैं। राजस्‍थान सरकार ने जयपुर के शाही परिवार के राज महल पैलेस को पिछले दिनों सील कर दिया था, इससे उनके राजपूत नेताओं से संबंध और भी ज्‍यादा खराब हो गए। 

हाल ही में हुए उपचुनाव में भी वसुंधरा सरकार को राजपूत मतदाताओं के कोपभाजन का शिकार होना पड़ा था। बीजेपी को सभी तीन उपचुनावों में कांग्रेस के हाथों मात खानी पड़ी। केंद्र और आरएसएस के साथ अपने संबंधों के कारण वसुंधरा अब कोई रिस्‍क नहीं लेना चाहती हैं और माना जा रहा है कि राजपूतों को फिर से साधने के लिए वसुंधरा राजे यात्रा निकाल रही हैं। 

Posted By: Preeti jha