जयपुर, जागरण संवाददाता। राजस्थान की चार विधानसभा सीटों पर आगामी दिनों में उप चुनाव होने हैं। सत्तारूढ़ दल कांग्रेस और विपक्षी दल भाजपा सहित अन्य छोटे दलों ने चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। कांग्रेस ने मंत्रियों को चारों विधानसभा क्षेत्रों का प्रभारी बनाया है। वहीं भाजपा ने वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने चारों सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है। इसी बीच चारों सीटों पर जीत तय करने को लेकर कांग्रेस सोशल मीडिया का सहारा ले रही है।

कांग्रेस ने आईटी सेल के जरिए चारों विधानसभा क्षेत्रों का डेटा एकत्रित करना शुरू किया है। डेटा एकत्रित होने के बाद सोशल मीडिया के माध्यम से प्रत्येक मतदाता तक पहुंचने की योजना है। प्रत्येक मतदाता को व्यक्तिगत रूप से जुड़ाव का अहसास कराया जाएगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का संदेश मतदाता तक पहुंचाया जाएगा। चारों क्षेत्रों में कोर्डिनेशन के लिए पांच-पांच नेताओं का समूह बनाया गया है। यह समूह प्रत्येक इलाके के जातिगत व सामाजिक समीकरण का अध्ययन करने के साथ ही यह देखेगा कि किस नेता का उस क्षेत्र में प्रभाव है। इन क्षेत्रों के साथ ही प्रदेश में राज्य सरकार की ओर से किए गए कार्याें की जानकारी सोशल मीडिया टीम के साथ ही कार्डिनेशन कमेटी के सदस्यों के माध्यम से मतदाताओं तक पहुंचाई जाएगी। इसके साथ ही कृषि कानून व महंगाई जैसे मुुद्दों को लेकर केंद्र सरकार को घेरा जाएगा।

पार्टी ने प्रदेशभर में 800 आईटी प्रशिक्षित युवाओं को चारों क्षेत्रों में तैनात किया है। कांग्रेस सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म के जरिए मतदाताओं खासकर युवाओं को अपने पाले में लाना चाहती है। आईटी एक्सपर्ट्स ही चुनाव प्रचार अभियान की रणनीति भी तय करेंगे।

उल्लेखनीय है कि राजसमंद सीट पर भाजपा विधायक किरण माहेश्वरी के निधन के कारण उप चुनाव होने हैं। वहीं सहाड़ा में कांग्रेस के कैलाश त्रिवेदी,सुजानगढ़ में कांग्रेस के मास्टर भंवरलाल व कुंभलगढ़ में कांग्रेस के ही गजेंद्र सिंह की मौत के कारण उप चुनाव होना है। इन चार में से तीन की मौत कोरोना के कारण व एक का निधन बीमारी के कारण हुआ है। 

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