उदयपुर, जेएनएन। डूंगरपुर जिले में मृत व्यक्ति के नाम फर्जी तरीके से बीमा कराकर लाखों रुपये की क्लेम राशि उठाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में मृतक का फर्जी मुत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाले बांसवाड़ा जिला अस्पताल के सरकारी चिकित्साधिकारी और मृतका की पत्नी को गिरफ्तार कर लिया।

सागवाड़ा थाने के वृत्त निरीक्षक रामेश्वर भाटी ने बताया कि उन्हें मृतक व्यक्ति का बीमा कराकर क्लेम राशि उठाने की शिकायत मिली थी। जिसकी जांच की गई तो खुलासा हुआ कि जिस व्यक्ति नीतेश गामोट के नाम हाल ही क्लेम उठाया गया है, उसकी मौत 28 नवम्बर 2016 में हो गई थी।

जबकि उसकी पत्नी शोभा गामोट ने पति की मौत के करीब ग्यारह महीने बाद दीपक पंड्या और संदीप पंड्या नामक व्यक्ति के सहयोग से एजेंट के माध्यम से पति नीतेश का पांच लाख रुपये का बीमा करा लिया। बीमा की एक किश्त भरने के बाद वह बांसवाड़ा जिला अस्पताल में सेवारत डॉक्टर राजमल बामणिया से मिली। जिसने दस हजार रुपए लेकर नीतेश को अस्पताल में भर्ती होना ही नहीं बताया बल्कि उसकी उपचार के दौरान मौत के दस्तावेज तैयार कर उसका मृत्यु प्रमाण पत्र तक जारी करा दिया।

इन दस्तावेजों के आधार पर आरोपितों ने बीमा कंपनी से पांच लाख रुपये का क्लेम उठा लिया। इस काम के बदले मृतक गीतेश की पत्नी को पचास हजार रुपये दिए गए। मामले का खुलासा हुआ तो पुलिस ने मृतक गीतेश की पत्नी तथा फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराने वाले चिकित्सक डॉ. बामणिया को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस इस मामले के मुख्य सूत्रधार दीपक और संदीप की तलाश में जुटी है। पुलिस कर कहना है कि दीपक और संदीप इससे पहले जयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में इसी प्रकार की वारदातें कर चुके हैं। 

Posted By: Preeti jha

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