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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 03, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राजस्थानः स्कूल में सरस्वती की मूर्ति स्थापित होने से पहले ही तोड़ दिया मंदिर का ढांचा

By Sachin MishraEdited By:
Published: Wed, 03 Oct 2018 06:32 PM (GMT+05:30)Updated: Wed, 03 Oct 2018 07:29 PM (GMT+05:30)

राजस्थान में ग्रामीणों ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में सरस्वती की मूर्ति स्थापित करने के लिए बनाए जा रहे मंदिर के ढांचे को तोड़ दिया।

राजस्थानः स्कूल में सरस्वती की मूर्ति स्थापित होने से पहले ही तोड़ दिया मंदिर का ढांचा
राजस्थानः स्कूल में सरस्वती की मूर्ति स्थापित होने से पहले ही तोड़ दिया मंदिर का ढांचा

जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान में अलवर जिले की रामगढ़ तहसील के ककराली मेव गांव में ग्रामीणों ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में सरस्वती की मूर्ति स्थापित करने के लिए बनाए जा रहे मंदिर के ढांचे को तोड़ दिया। इस मंदिर में नवरात्र में मूर्ति स्थापित होनी थी। मेव, मुस्लिम बहुल इस गांव के लोग मूर्ति स्थापित किए जाने का विरोध कर रहे थे, लेकिन शिक्षकों ने उनकी बात नहीं मानी तो मंगलवार रात को ग्रामीणों ने ढांचे को पूरी तरह से तोड़ दिया।

इससे पहले ग्रामीणों ने चेतावनी दी थी कि यदि स्कूल में मंदिर बनता है तो एक भी बच्चा पढ़ाई के लिए नहीं आएगा। मेव-मुस्लिम समुदाय का कहना है कि राजनीति के मकसद से सरकारी स्कूल में सरस्वती की मूर्ति लगाई जा रही थी।

गौरतलब है कि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ककराली गांव में 573 बच्चों का नामांकन है। इसमें अधिकांश मेव मुस्लिम समुदाय के बच्चे पढ़ते हैं। हिंदू समुदाय के बच्चे महज 47 अध्ययनरत हैं।

विद्यालय की प्रधानाचार्य पुष्पा ने बताया कि उन्हें किसी भी पार्टी से कोई लेना देना नहीं है और किसी भी राजनीतिज्ञ के इशारे से मां सरस्वती की प्रतिमा की स्थापना नहीं की जा रही है। सभी विद्यालयों में मां सरस्वती की प्रतिमा लगाई जाती है। इस वजह से हमने भी सकारात्मक कदम उठाया था। प्रधानाचार्य की सूचना पर पुलिस स्कूल में पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने मामला दर्ज किया है, जिसमें कुछ ग्रामीणों को नामजद किया गया है।

तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात
तनाव को देखते हुए पुलिस उप अधीक्षक अशोक चौहान और थाना अधिकारी सदर रामनिवास मीणा पुलिस बल के साथ गांव में ही डटे हुए हैं। पुलिस अधिकारी ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। उधर, हिंदूवादी संगठनों ने मंदिर तोड़े जाने का विरोध किया है