नई दिल्ली, प्रेट्र। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के अलवर में 20 जुलाई को उन्मादी भीड़ द्वारा पीट-पीटकर एक युवक रकबर खान की हत्या के मामले का संज्ञान लिया है। सख्त रुख अख्तियार करते हुए उसने राज्य सरकार से एक सप्ताह में इस घटना को लेकर की गई कार्रवाई पर जवाब दाखिल करने को कहा है। वहीं, उन्मादी भीड़ की हिंसा व गोरक्षकों से निपटने के लिए उठाए गए कदमों पर राज्यों से सात सितंबर तक अनुपालन रिपोर्ट देने को कहा है। अभी तक महाराष्ट्र, पंजाब व चंडीगढ़ ने ही यह रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी है।

शीर्ष अदालत तुषार गांधी व कांग्रेस नेता तहसीन पूनावाला की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने कथित गोरक्षा के नाम पर हिंसा से निपटने के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए थे। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने राजस्थान सरकार के गृह विभाग के प्रधान सचिव से कहा कि वह उन्मादी भीड़ द्वारा की गई हत्या के मामले में कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा देते हुए एक सप्ताह में हलफनामा दायर करें। याचिका में अलवर में भीड़ द्वारा रकबर खान नामक युवक की हत्या के मामले में शीर्ष अदालत के आदेश का उल्लंघन करने पर मुख्य सचिव व डीजीपी पर अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की अपील की गई है।

वहीं, वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने उन पुलिस वालों के खिलाफ आपराधिक मामला चलाने की मांग की है, जो पीडि़त को सही समय अस्पताल लेकर नहीं गए, जिससे उसकी मौत हो गई। सुप्रीम कोर्ट ने 17 जुलाई को भीड़ द्वारा की जा रही हत्याओं का संज्ञान लेते हुए संसद को इस तरह के मामलों से कड़ाई से निपटने के लिए अलग से कानून बनाने को कहा था।

जानें, क्या था मामला
अलवर जिले के रामगढ़ इलाके में 20 जुलाई को गोरक्षकों ने रकबर खान (28) की कथित तौर पर पिटाई कर दी थी। घटना के वक्त रकबर दो गायों को लाढ़पुरा गांव से हरियाणा स्थित अपने घर ला रहा था।

 

Posted By: Sachin Mishra