जयपुर, जागरण संवाददाता। विज्ञान के इस युग में आज भी इंसान अंधविश्वास के फेर में उलझे हुए है। ऐसे ही अंधविश्वास का एक मामला कोटा के एमबीएस सरकारी अस्पताल में देखने को मिला। यहां मृतक के परिजन दो साल बाद उसकी आत्मा लेने अस्पताल पहुंच गए। इस दौरान लोगों ने मृतक की आत्मा को अपने साथ ले जाने के लिए अस्पताल परिसर में बाकायदा पूजा-अर्चना की। करीब आधे घंटे तक अस्पताल परिसर में अंधविश्वास का खेल देखने को मिला।

इस दौरान अस्पताल के बाहर बड़ी तादाद में लोगों की भीड़ लगी रही। अस्पताल के चिकित्सक और अन्य कर्मचारी भी यह सब देखते रहे। जानकारी के अनुसार बूंदी जिले के चेता गांव के रहने वाले 6 वर्षीय बच्चे की दो साल पहले एमबीएस अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। लोगों के मुताबिक बच्चे की मौत के बाद परिवार के सदस्यों की तबीयत खराब रहने लगी। घर मे अशांति होने पर परिजनों ने झाड-फूंक करने वाला की शरण ली। झाड-फूंक करने वाला ने मृतक की आत्मा अस्पताल में भटकने की बात कहते हुए अस्पताल से आत्मा लाने की सलाह दी। इसी के चलते दो दर्जन महिला-पुरुष मृतक की आत्मा लेने सोमवार को अस्पताल पहुंचे।

अस्पताल के पुराने आउटडोर के पास परिजनों ने बाकायदा धूप और दीप जलाया और पूजा-अर्चना कर आपस में तिलक लगाया। इस दौरान पुलिसकर्मी व अस्पताल के सुरक्षा गार्ड भी मौके पर पहुंचे, उन्होंने परिजनों से समझाया और अस्पताल के अंदर जाने से मना कर दिया। वहीं महिलाएं अस्पताल के बाहर आत्मा की शांति के लिए भजन गाती रही। करीब आधे घंटे तक लोग अंधविश्वास के फेर में उलझे रहे और बाद में जाने लगे तो यह कह गए कि हम मृतक बच्चे की आत्मा लेकर जा रहे है।  

Posted By: Preeti jha

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