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मनीष गोधा, जयपुर। राजस्थान में अब विद्यार्थी कॉलेज से डिग्री ही नहीं बल्कि रोजगार देने वाले पाठ्यक्रम का प्रशिक्षण भी लेकर निकलेंगे, ताकि उन्हें पढ़ाई के बाद तुरंत काम मिल सके। रोजगार देने वाले इन पाठ्यक्रमों में शेयर कारोबार से पर्यटन सलाहकार और ब्यूटीशियन से लेकर ऑफिस मैनेजमेंट तक के 38 कोर्स शामिल हैं। पहले चरण में तृतीय वर्ष के छह हजार विद्यार्थियों को यह प्रशिक्षण दिलवाया जाएगा। प्रशिक्षण पूरी तरह निशुल्क रहेगा। राजस्थान के कॉलेज शिक्षा निदेशालय ने इस बारे में सरकारी कॉलेजों को पत्र लिखकर इस योजना को लागू करने के निर्देश दिए हैं।

गौरतलब है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस बार के बजट में मुख्यमंत्री युवा कौशल योजना की घोषणा की थी। यह प्रशिक्षण उसी योजना का हिस्सा है। राज्य के युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देने के लिए सरकारी स्तर पर राजस्थान कौशल व आजीविका विकास निगम कार्यरत हैं। यह निगम अपने केंद्रों द्वारा ऐसे पाठ्यक्रम चलाता है। अब इसी निगम के जरिये सरकारी कॉलेजों में भी पाठ्यक्रम करवाए जाएंगे। पहले चरण में यह योजना सिर्फ सरकारी कॉलेजों में लागू होगी और इन कॉलेजों के छह हजार छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण दिलवाया जाएगा। पहली प्राथमिकता उन छात्र-छात्राओं को दी जाएगी, जो स्नातक या स्नातकोत्तर कक्षा के अंतिम वर्ष में हैं।

प्रशिक्षण के लिए छात्र-छात्राओं को कहीं जाना नहीं होगा, बल्कि उनके कॉलेज में यह कोर्स कराया जाएगा। नियमित पढ़ाई के बाद चार घंटे इस पाठ्यक्रम का प्रशिक्षण दिया जाएगा। एक बैच में कम से कम 20 तथा अधिकतम 35 छात्र-छात्राएं होना जरूरी होगा। इससे अधिक छात्र होने पर दूसरा बैच भी शुरू किया जा सकेगा। इतना जरूर है कि इन पाठ्यक्रमों में उन्हीं छात्रों को प्रवेश मिलेगा, जिनकी कॉलेज में 75 प्रतिशत उपस्थिति होगी। कोर्स पूरा होने के बाद इसकी परीक्षा होगी और सफल रहने वालों को प्रमाण-पत्र दिया जाएगा। इसके साथ ही कॉलेज में एक जॉब फेयर भी लगाया जाएगा ताकि वहां जो पाठ्यक्रम चला है, उसके छात्रों को आसानी से नौकरी भी मिल सके।

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Posted By: Sachin Mishra

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