जयपुर, [जागरण संवाददाता]।बच्चों और युवाओं के लिए आत्मघाती साबित हो चुके ब्लू व्हेल गेम की गिरफ्त में अब छोटे कस्बों और गांवों के बच्चे भी आने लगे है। राजस्थान के झुंझुंनू जिले के बिसाऊ कस्बे में एक ऐसा ही वाकया सामने आया।

कस्बे में स्थित राजकीय जाटीया स्कूल में सुबह की प्रार्थना के समय जब शिक्षक छात्र-छात्राओं को इस गेम के दुष्प्रभाव बताते हुए इससे दूर रहने की सीख दे रहे थे,उसी दौरान स्कूल की 9वीं कक्षा में पढ़ने वाला छात्र अचानक से बोल पड़ा, गुरूजी सर,मैने गेम की तीज स्टेज पार कर ली,अब मै पीछे हटना चाहता हूं,लेकिन मेरे माता-पिता को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। छात्र रोता हुआ जोर-जोर से चिल्लाने लगा मुझे और मेरे और मेरे माता-पिता को बचा लिजिए। छात्र की बात सुनकर स्कूल में बिल्कुल सन्नाटा छा गया,शिक्षक छात्र के पास पहुंचे और उसे एक कमरे में ले जाकर बिठा दिया। अन्य छात्र-छात्राओं को क्लास में भेज दिया गया। स्कूल के प्रधानाध्यापक कमलेश तेतरवाल ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी जिला कलेक्टर,पुलिस अधीक्षक एवं जिला शिक्षा अधिकारी को दी ।

जिला कलेक्टर ने मनोचिकित्सक को स्कूल में भेजकर छात्र की दो घंटे तक  काउंसलींग करवाई,उसका मोबाइल जब्त कर लिया गया। छात्र के माता-पिता से भी मनोचिकित्सक एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बात की । सभी ने छात्र को समझाया कि गेम में ऐसा कुछ नहीं होता है और उसके माता-पिता को कोई खतरा नहीं है। छात्र ने बताया कि बिसाऊ कस्बे के ही तीन अन्य युवक भी इस गेम के जाल में फंसे हुए है ।

उल्लेखनीय है कि ब्लू व्हेल गेम की अंतिम स्टेज पर ही जोधपुर में एक युवती अपनी स्कुटी से पहाड़ी पर पहुंच गई थी,वह छलांग लगाने वाली थी कि वहां से गुजर रहे लोगों ने उसे पकड़ लिया। इसी युवती ने उपचार के दौरान भी चाकू से हाथ काटने का प्रयास किया था । जोधपुर के ही एक युवक ने झील में छलांग लगाकर गेम की अंतिम स्टेज पूरी करने का प्रयास किया था,लेकिन उसे भी बचा लिया गया था । 

 

Posted By: Preeti jha

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