नरेन्द्र शर्मा, जयपुर। राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार खेल संघों से नेताओं और अफसरों को बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी कर रही है। सरकार ने नया खेल विधेयक तैयार किया है, इसमें नेताओं और अफसरों के खेल संघों में पदाधिकारी नहीं बनने का प्रावधान किया गया है। विधेयक के अनुसार, विभिन्न खेल संघों के अध्यक्ष, सचिव, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष सहित अन्य पदों पर खिलाड़ी ही पदाधिकारी बन सकेंगे। राज्य के खेल विभाग की ओर से तैयार किए गए इस विधेयक को मुख्यमंत्री ने मंजूरी दे दी है। अब मंत्रिमंडल की बैठक में विधेयक पास करने के बाद राज्यपाल से मंजूरी ली जाएगी।

खेल विधेयक अमल में आने के बाद करीब दो दर्जन नेताओं और अफसरों को खेल संघों के पदों पर बने रहने का मोह छोड़ना होगा। राज्य सरकार ने यह कदम न्यायाधीश एके जैन समिति की सिफारिशों पर उठाया है। खेल संघों में पदाधिकारी बनने वाले व्यक्ति को स्कूल या जूनियर स्तर पर खेलने का प्रमाण-पत्र देना होगा। नए विधेयक में प्रावधान किया गया है कि प्रत्येक 3 साल में खेल संघों के चुनाव कराना आनिवार्य होगा। सभी खेल संघों के चुनाव कराने के लिए जिला और प्रदेश स्तर पर खेल चुनाव प्राधिकरण गठित होगा। किसी भी खेल में राज्य स्तर पर पांच साल तक खेलने वाले व्यक्ति को ही चुनाव में मतदान करने का अधिकार होगा। खेल संघों का पंजीकरण राज्य सरकार के खेल विभाग में कराना होगा।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान में अधिकांश स्पोर्ट्स एसोसिएशन और खेल संघों में राजनीतिक दलों से जुड़े नेता और अफसर पदाधिकारी बने हुए हैं। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सीपी जोशी अध्यक्ष हैं, कांग्रेस खेल प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मो. इकबाल, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव सुनील पारवानी और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मुकेश पोरवाल एसोसिएशन में विभिन्न पदों पर काबिज है। जयपुर के पूर्व सांसद डॉ. महेश जोशी जयपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं। इसी तरह राजस्थान ओलंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर तो पिछले दो दशक से भाजपा नेता जनार्दन सिंह गहलोत काबिज हैं। गहलोत राजस्थान कबड्डी संघ के भी अध्यक्ष हैं। गहलोत की कार्यकारिणी में अधिकांश पदाधिकारी नेता और अफसर हैं। आईएएस अधिकारी संजय दीक्षित भी ओलंपिक संघ की कार्यकारिणी में हैं। दीक्षित अन्य कई खेल संघों से जुड़े हुए हैं। इसी तरह फुटबाल एसोसिएशन में भाजपा विधायक मानवेन्द्र सिंह अध्यक्ष हैं।

राजस्थान स्काउट गाइट संघ के अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाए बैठे राज्य के सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी को भी नया विधेयक पास होने के बाद अपना पद छोड़ना होगा। इस पद पर कई साल तक प्रदेश के वरिष्ठ आइएएस निरंजन आर्य जमें हुए थे, उनके स्थान पर चतुर्वेदी पिछले साल अध्यक्ष बने थे।  

Posted By: Sachin Mishra