जयपुर, नरेन्द्र शर्मा। कांग्रेस राजस्थान विधानसभा चुनाव के रण में मीडिया और आम लोगों के बीच मजबूती से पक्ष रखने के लिए "टैलेंट हंट" के जरिये प्रखर प्रवक्ताओं की खोज में जुटी हुई है। इसके लिए दिल्ली से कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी और सोशल मीडिया प्रभारी रोहन गुप्ता इंटरव्यू के लिए जयपुर आए है।

पीसीसी में इंटरव्यू के दौरान दोनों ने प्रतिभागियों से एक ऐसा अजीब सवाल पूछा कि वे असमंजस उत्पन्न हो गया । सवाल था कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट में से बेस्ट कौन है और दोनों की क्या—क्या खूबिया है। ऐसे में प्रवक्ता का "टैलेट हंट" गुटबाजी के टैलेट हंट में तब्दील हो गया।

'कांग्रेस की सत्ता आने पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत होंगे या फिर सचिन पायलट।' यह सवाल कांग्रेस और उसके नेताओं के लिए सिरदर्द बन गया। इस यक्ष सवाल का जवाब आज के दिन शायद ही किसी नेता के पास हो। शायद यह सवाल पार्टी के लिए इतनी बड़ी पहेली बन गया है कि दिल्ली से प्रवक्ता पद के इटंरव्यू के लिए आई राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी और सोशल मीडिया प्रभारी रोहन गुप्ता को प्रत्येक प्रतिभागी से सवाल करते हुए इसका जवाब जानना जरुरी हो गया था।

दो दिवसीय इंटरव्यू कार्यक्रम के पहले दिन मंगलवार को प्रियंका चतुर्वेदी और रोहन गुप्ता ने जैसे ही प्रतिभागियों से यह सवाल दागा तो वे सुनते ही असमंजस में पड़ गए। कोई असहज हो गया और कोई इधर—उधर बगलें झांकने लगा। यह सोचकर कि आखिर जवाब दें तो क्या दें और क्या नहीं दें। लिहाजा, कुछ समझदार लोगों ने पायलट और गहलोत दोनों की तारीफों के पुल बांधते हुए जैसे—तैसे जवाब देना मुनासिब समझा।

सवाल का जवाब इसलिए पेचिदा हो गया कि कहीं एक की तारीफ कर दी तो दूसरा नेता नाराज ना हो जाए। सवालों को लेकर विवाद उत्पन्न होता देख तुरंत प्रियंका चतुर्वेदी ने प्रतिभागियों को मीडिया में रिएक्शन नहीं देने के लिए पाबंद कर दिया। हालांकि इस सवाल के अलावा, 'क्या आप चुनाव लड़ना चाहते हैं और भाजपा की ध्रुवीकरण की सियासत से कैसे निपटा जाए, जैसे सवाल भी प्रतिभागियों से किए गए। वहीं सवाल लीक होने के बाद अन्य प्रतिभागी फिर सीनियर नेताओं से उनके जवाब कैसे दें इसकी राय लेते दिखे। लेकिन इस सवाल ने कांग्रेस की टेंशन और बढ़ा दी है। इससे आने वाले दिनों में जाहिर सी बात है कि गहलोत वर्सेज पायलट एपीसोड और तेज होगा । इसके साथ ही दिल्ली से आए नेताओं के जरिये यह सवाल दागे गए तो यह साबित हो गया कि आलाकमान को भी दोनों में से किसे चुने यह समझ नहीं आ रहा है।

100 प्रवक्ता और प्रखर वक्ताओं की होनी है छंटनी

भाजपा के हाईटेक चुनाव अभियान का मुकाबला करने के लिए कांग्रेस ने प्रदेश से लेकर जिला स्तर पर 100 ऐसे प्रवक्ताओं और प्रखर वक्ताओं के चयन करने का निर्णय लिया,जो कि राज्य की राजनीतिक एवं भौगोलािक स्थिति के बारे में जानते हो। ये लोग भाजपा नेताओं के मुकाबले इलेक्ट्रोनिक मीडिया,प्रिंट मीडिया और सोशल मीडिया में कांग्रेस का पक्ष मजबूती से रख सकते हो। इसी के तहत इसी वर्ष जनवरी माह में राज्य के 500 लोगों की लिखित परीक्षा हुई थी,इनमें से आधे लोगों को छंटनी कर इंटरव्यू के लिए बुलाया गया है। इंटरव्यू के पहले दिन मंगलवार को 50 लोगों ने इंटरव्यू दिए शेष बुधवार को देंगे।  

Posted By: Preeti jha