राज्य ब्यूरो, जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर सिंगल यूज प्लास्टिक के बहिष्कार का अभियान राजस्थान में जोर पकड़ रहा है। प्रदेश सरकार के विभाग इसे अपने कार्यालयों में लागू कर रहे हैं। अब तक शासन सचिवालय, पुलिस अकादमी, सहकारिता विभाग सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर रोक लगा चुके हैं। इसके अलावा राजस्थान हाई कोर्ट में भी इस पर रोक लगाई जा चुकी है। खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद कर दिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर देश का आह्वान किया था कि प्लास्टिक से होने वाले नुकसान से बचने के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक यानी प्लास्टिक से बने ऐसे उत्पाद जिनका दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जा सकता हो, उसका उपयोग रोकें। इस आह्वान के बाद राजस्थान में भी इसके प्रति जागरूकता आई है और सिंगल यूज प्लास्टिक के बहिष्कार का अभियान जोर पकड़ रहा है। सरकार सहित विभिन्न विभाग इसमें पहल कर रहे हैं। आम आदमी भी इसे लेकर जागरूक हो रहा है और सिंगल यूज प्लास्टिक से बने सामान का उपयोग कम हो रहा है।

राजस्थान में इस बारे में सबसे पहले राजस्थान हाई कोर्ट ने ही पहल की और प्रदेश के सभी न्यायालयों में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर रोक लगाई। अब न्यायालय परिसर में सिंगल यूज प्लास्टिक से बने उत्पादों का इस्तेमाल नहीं हो रहा है। राजस्थान के शासन सचिवालय में मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने भी सरकारी बैठकों में प्लास्टिक की बोतलों के बजाए कांच की बोतलों के इस्तेमाल के निर्देश दिए। इसके बाद दो अक्टूबर से पुलिस अकादमी और सहकारिता विभाग में भी इस पर रोक लग गई है।

सहकारिता रजिस्ट्रार डॉ. नीरज के पवन ने आदेश जारी कर विभाग के अधिकरियों एवं कर्मचारियों को अपने कार्यस्थल पर सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि अधिकारी एवं कर्मचारी अपने परिवारजनों और आम लोगों को भी सिंगल यूज प्लास्टिक से होने वाले दुष्परिणामों से अवगत कराएंगे तथा इसके रोके जाने के लिए जन चेतना जागृत करने में सहयोग भी प्रदान करेंगे। डॉ. पवन का कहना है कि सिंगल यूज प्लास्टिक को रोकने में मदद करना मानव सेवा का ही कार्य है और यह प्रत्येक व्यक्ति का भी कर्तव्य है।

इसी के साथ राजस्थान पुलिस अकादमी ने भी दो अक्टूबर से 'नो प्लास्टिक पॉलिसी' लागू कर दी। इस पॉलिसी के तहत अकादमी परिसर में पॉलीथीन, डिस्पोजेबल प्लास्टिक बोतल, ग्लास, कप, प्लेट आदि के प्रयोग पर पूर्णत: प्रतिबंध लगा दिया गया है।

अतिरिक्त महानिदेशक तथा राजस्थान पुलिस अकादमी के निदेशक हेमंत प्रियदर्शी ने बताया कि अकादमी के सभी कर्मचारियों, प्रशिक्षकों तथा प्रशिक्षुओं को इस पॉलिसी को लागू करने के लिए कहा गया है। प्रियदर्शी ने बताया कि राजस्थान पुलिस अकादमी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है तथा इसी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने के लिए 'नो प्लास्टिक पॉलिसी' लागू की गई है। राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी प्लास्टिक की थैलियों और प्लास्टिक की पैकिंग वाले सामान की बिक्त्री करने वाली कंपनियों को नोटिस दे कर प्लास्टिक वापस लेने के लिए कह रहा है। कुछ डेयरियों ने इसे लागू भी कर दिया है।

मुख्यमंत्री ने भी बंद किया इस्तेमाल

इस बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्लास्टिक की बोतल से पानी पीना बंद कर दिया है। सोमवार को मुख्यमंत्री जोधपुर पहुंचे और यहां जब मीडिया ने उनसे प्लास्टिक पर प्रतिबंध की बात पूछी तो उन्होंने कांच की बोतल दिखा कर कहा कि मैं खुद ही कांच की बोलत से पानी पी रहा हूं।

आम जनता भी हुई जागरूक

इस बीच सिंगल यूज प्लास्टिक के बहिष्कार के बारे में जनता भी जागरूक हो रही है। बाजार और सब्जी मंडी में अब प्लास्टिक की थैलियों में सामान बेचना लगभग बंद हो चुका है। जयपुर में सब्जी मंडी में ज्यादातर ग्राहक अब खुद का थैला लेकर जाने लगे हैं। विक्रेताओं का कहना है कि प्लास्टिक की कुछ थैलियां रखते तो हैं, लेकिन अब ज्यादातर ग्राहक थैली मांगते नहीं हैं। वे अब खुद ही जागरूक हो रहे हैं।

जानें, क्या शामिल है सिंगल यूज प्लास्टिक में 

सिंगल यूज प्लास्टिक में कैरी बैग (50 माइक्रोन से कम), बिना बुना कैरी बैग, छोटी रैपिंग, पैकिंग फिल्म, फोम वाले कप, प्याले, कटोरे, प्लेट, लेमिनेट किए गए बाउल और प्लेट, छोटे प्लास्टिक कप और कंटेनर (150 एमएल और पांच ग्राम से कम), प्लास्टिक स्टिक और इयर बड्स, गुब्बारे, झंडे और कैंडी, सिगरेट के बट्स, फैलाया हुआ पोलिस्टि्रन, पेय पदाथरें के लिए छोटे प्लास्टिक पैकेट (200 एमएल से कम) और सड़क के किनारे बैनर (100 माइक्रोन से कम) शामिल हैं।

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Posted By: Sachin Mishra

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