जयपुर, जागरण संवाददाता। शिष्या से दुष्कर्म के आरोपों से घिरे राजस्थान में पाली और दिल्ली के छतरपुर शनिधाम मंदिर के संस्थापक दाती महाराज (मदन महाराज) को लेकर उनके आश्रम की संचालिका श्रद्धा ने मंगलवार को खुलासा करते हुए कहा कि लेन-देन के विवाद के कारण दिल्ली पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

श्रद्धा ने कहा कि दाति महाराज शनिवार को दिल्ली में मीडिया के सामने आकर पूरे मामले का खुलासा करेंगे। उन्होंने बताया कि दाति महाराज फिलहाल बाहर गए हुए है,वे शनिवार को सबके समाने आएंगे। श्रद्धा राजस्थान में पाली जिले के आलावास स्थित आश्रम और गुरूकुल बालाश्रम का पूरा कामकाज देखती है। वे दोनों की संचालिका है।

ट्रस्ट में श्रद्धा का दाति महाराज के बाद दूसरे नम्बर का स्थान है। दिल्ली सहित देश के अन्य मंदिरों और आश्रमों का कामकाज भी श्रद्धा ही संभालती है। श्रद्धा ने कहा कि शिष्या के आरोप निराधार है और दाति महाराज कहीं भागे नहीं है।वे शनिवार को दिल्ली में सबके सामने अपनी बात रखेंगे।

एक अन्य महिला अनुयायी युवती को दाती महाराज के कमरे में जबरन भेजती थी

राजस्थान की निवासी एक पच्चीस वर्षीय युवती ने स्वयंभू बाबा दाती महाराज और उसके चेलों पर उसके साथ बार-बार दुष्‍कर्म करने का आरोप लगाया है। दक्षिणी दिल्ली के फतेहपुर बेरी थाने में युवती ने रविवार को दाती महाराज के खिलाफ शिकायत दी है। युवती ने पुलिस को बताया कि वह करीब एक दशक से महाराज की अनुयायी थी। लेकिन महाराज और चेलों द्वारा बार-बार दुष्‍कर्म किए जाने के बाद वह अपने घर राजस्थान लौट गई थी।

युवती ने आरोप लगाया है कि बाबा की एक अन्य महिला अनुयायी उसे महाराज के कमरे में जबरन भेजती थी।मना करने पर धमकाती थी कि वह सभी से कहेगी कि पीड़िता अन्य चेलों के साथ भी यौन संबंध बनाती है। वह करीब दो साल पहले आश्रम से भाग गई थी और लंबे समय से अवसाद में थी। अवसाद से उबरकर उसने अपने माता-पिता को पूरी बात बताई और उनके साथ पुलिस को शिकायत दी है।

आसाराम,राम रहीम,रामपाल और फलहारी बाबा के बाद अपनी शिष्या के साथ दुष्कर्म के आरोप में फंसे दाति महाराज के बारे में श्रद्धा ने बताया कि कुछ लोगों ने आर्थिक लेन-देन के कारण उन्हे फंसाया है। बाबा का इस लेन-देन और दुष्कर्म से कोई वास्ता नहीं है,वे निर्दोष है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में बाबा का भक्त अभिषेक अग्रवाल शनिधाम मंदिर में आता जाता रहता था,उसने सेवादारों से मेलजोल बढ़ाया। इनमें सचिन जैन,नवीन गुप्ता,भूपेश कुमार एवं शक्ति अग्रवाल शामिल है। इन्होंने आपस में पैसों का लेन-देन किया,फिर इनके बीच विवाद हो गया। विवाद होने पर सेवादारों ने अभिषेक अ्रवाल को बताया कि उससे लिया हुआ पैसा बाबा को दिया है,जबकि ये पैसा दाति महाराज को मिला ही नहीं। इसके बाद अभिषेक और अन्य ने यह साजिश रची है ।

पाली आश्रम में 800 बच्चियां,कईयों के अभिभावक पहुंचे

राजस्थान में पाली जिले की सोजत तहसील के आलावास गांव स्थित गुरूकुल बालश्रम में वर्तमान में देश के विभिन्न प्रदेशों की 800 बच्चियां रहती है। इनमें अधिकांश बच्चियां अनाथ है ,जिन्हे महाराज ने गोद ले रखा है । यहां बच्चियों की शिक्षा-दीक्षा के साथ रहने की व्यवस्था है।

कुछ बच्चियों के अभिभावक आíथक रूप से कमजोर होने के कारण अपने बेटियों को यहां छोड़कर गए है। सोमवार को दिल्ली में दाति महाराज के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज होने के बाद मंगलवार को कई अभिभावक आलावास स्थित आश्रम में पहुंचे,लेकिन उन्हे प्रवेश नहीं दिया गया। आश्रम में मंगलवार को पूरी तरह से सन्नाटा छाया रहा। आश्रम के मुख्यद्वार पर ताले लगा दिए गए है। किसी बाहरी व्यक्ति को आश्रम में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। 

शपथ पत्र में की थी आश्रम की प्रशंसा

आश्रम की संचालिका श्रद्धा ने बताया कि शिष्या यहां दस साल तक रही। आश्रम ने ही उसे एमसीए तक की पढ़ाई करवाई और फिर वह साल 2016 में अपने परिजनों के साथ चली गई। जाने से पहले उसने शपथ पत्र में लिखकर दिया कि उसे आश्रम में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई,उसे कोई शिकायत नहीं है।

श्रद्धा ने एक सवाल के जवाब में बताया कि पहले तो इस तरह के शपथ पत्र नहीं लिए जाते थे,लेकिन आसाराम प्रकरण के बाद शपथ पत्र लेने की परम्परा शुरू की गई ।

By Preeti jha