जागरण संवाददाता, जयपुर। पेट्रोल और डीजल के दामों में वृद्धि के विरोध में सोमवार को कांग्रेस द्वारा आयोजित बंद का राजस्थान में मिलाजुला असर रहा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट, नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर लाल डूडी, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे सहित कई कांग्रेसी नेताओं ने जयपुर में रैली निकालकर व्यापारियों से बंद की अपील की। राज्यभर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बंद के दौरान केंद्र व राज्य सरकार के विरोध में नारेबाजी व प्रदर्शन किया। बंद के कारण कई स्कूलों में छुट्‌टी कर दी गई थी। हालांकि सरकारी कार्यालय खुले रहे। पेट्रोल पंप और अस्पताल भी खुले रहे, इन्हें बंद से अलग रखा गया था।

बंद के दौरान गंगापुर सिटी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई। जबरन दुकानें बंद करवा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने लाठीचार्ज करके खदेड़ा। कोटा में पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच थोड़ी देर तक झड़प हुई। बूंदी में टायर जलाकर मुख्य रास्तों को अवरुद्ध किया गया। अजमेर में बंद समर्थकों और विरोध कर रहे व्यापारियों के बीच तकरार हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत करवाया। जयपुर के मुख्य बाजार तो बंद रहे, लेकिन उपनगरीय क्षेत्रों के बाजार खुले रहे। दौसा, भरतपुर, जोधपुर और उदयपुर शहर में बाजार पूरी तरह से बंद रहे।

पायलट बोले, छूट काफी नहीं

पीसीसी अध्यक्ष सचिन पायलट ने बंद को सफल बताते हुए कहा कि राज्य सरकार ने कांग्रेस के दबाव में पेट्रोल-डीजल के वैट में कटौती की है। जब उनको लगा कि बंद को व्यापक समर्थन मिलने जा रहा है और शहरों-कस्बों में बंद को जनता समर्थन दे रही है तो घबराकर उन्होंने यह कदम उठाया है।

भाजपा अध्यक्ष बोले, बेअसर रहा बंद

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल सैनी ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि भाजपा द्वारा आयोजित बंद पूरी तरह से बेअसर रहा। लोगों के समझ में आ गया कि कांग्रेस केवल राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि आम लोगों को राहत देने के लिए ही सरकार ने रविवार को पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले वैट में कमी की है।  

Posted By: Sachin Mishra