जयपुर, जागरण संवाददाता। School Reopen: कोरोना महामारी के चलते करीब नौ माह तक बंद रहने के बाद राजस्थान में स्कूल और कॉलेज सोमवार से खुलेंगे। देश के कोचिंग हब कोटा में भी सोमवार से इंस्टीटयूट्स शुरू होंगे। आइआइटी और मेडिकल सहित विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए देशभर से स्टूडेंट्स कोटा आते हैं, लेकिन पिछले साल मार्च में जैसे ही कोरोना काल शुरू हुआ तो स्टूडेंट्स अपने घर लौट गए थे। कोटा की अर्थव्यवस्था का आधार माने जाने वाले कोचिंग इंस्टीट्यूट, हॉस्टल और अन्य संस्थाओं की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई थी। दो दिन पहले राज्य सरकार ने सोमवार से कोचिंग इंस्टीट्यूट फिर से शुरू करने की बात कही तो कोटा में रौनक लौटने लगी। रविवार को बिहार, मुंबई, मध्य प्रदेश व राजस्थान के विभिन्न जिलों से करीब 250 स्टूडेंट्स कोटा पहुंचे।

उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में कोटा में पहले की तरह स्टूडेंट्स पहुंचेंगे और यहां के इंस्टीट्यृट फिर से शुरू हो सकेंगे। अब तक इंस्टीटयृट अपने यहां पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को ऑन लाइन कोचिंग दे रहे थे। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कोटा में 10 बड़े कोचिंग संस्थान हैं। वहीं, 50 से अधिक छोटे व इंडीविजुअल कोचिंग क्लासेज हैं। यहां के कोचिंग इंस्टीट्यूट्स व इससे जुड़े संस्थानों का करीब तीन हजार करोड़ का वार्षिक कारोबार है। यहां करीब पौने दो लाख स्टूडेंट्स प्रतिवर्ष मेडिकल व आइआइटी सहित अन्य प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। पिछले साल मार्च से पहले भी इतने ही स्टूडेंट्स थे, जिन्हे लॉकडाउन लगने के कारण बसों से उनके घर भेजा गया था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कोटा में करीब तीन हजार हॉस्टल, 25 हजार पीजी रूम्स और 1800 मैस है। इनसे दो लाख लोगों को सीधे तौर पर रोजगार मिला हुआ है।

वर्तमान में कोटा में हैं 25 हजार स्टूडेंट्स 

जिला प्रशासन और एलन कोचिंग इंस्टीट्यूट के निदेशक नवीन माहेश्वरी ने बताया कि वर्तमान मे कोटा में करीब 25 हजार स्टूडेंट्स हैं। ये सभी अन्य राज्यों के हैं। ये या तो अपने अभिभावकों के साथ कमरा लेकर रह रहे हैं या फिर हॉस्टल में रह रहे हैं। इनमें से कुछ तो लॉकडाउन लगने के बावजूद अपने घर नहीं गए थे। ये यहीं रह कर ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे थे। उन्होंने बताया कि अब तक स्टूडेंटस को ऑनलाइन पढ़ाया जा रहा था, उनकी पढ़ाई में कोई बाधा उत्पन्न नहीं होने दी गई। अब सोमवार से ऑफलाइन क्लास शुरू होगी। पिछले कुछ दिनों से कोचिंग इंस्टीटयूट्स की एडमिशन डेस्क पर स्टूडेंट्स और उनके अभिभावकों की भीड़ बढ़ी है।

रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और बाजारों में भी स्टूडेंट्स नजर आने लगे हैं। कोचिंग संस्थानों ने सरकार द्वारा तय गाइडलाइन के अनुसार प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजेशन, तापमान लेने की व्यवस्था की गई है। कोविड जागरूकता के पोस्टर लगाए गए हैं। क्लास रूम में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना तय की गई है। क्लास रूम में अल्ट्रा वायलट सैनिटाइजेशन सिस्टम लगाया गया है। माहेश्वरी ने बताया कि उन्होंने 31 बेड का अस्पताल भी शुरू किया है। गाइडलाइन प्रशासन के निर्देशों की पालना सुनिश्चित कराने को लेकर जिला कलेक्टर ने अधिकारियों की कमेटी बनाई है। चंबल हॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष शुभम अग्रवाल ने बताया कि हॉस्टल्स में एक कमरे में एक ही स्टूडेंट को रखने का प्रबंध किया गया है।

अभिभावक बोले, काफी समय से इंतजार था

अपने बेटे को प्रवेश दिलाने पहुंचे मध्य प्रदेश के नीमच निवासी पन्नालाल जरदारी का कहना है कि बेटे की पढ़ाई को लेकर चिंता हो रही थी। ऑनलाइन क्लास में पूरा समय नहीं दे पा रहे थे, अब क्लासरूम कोचिंग शुरू होने से बच्चों को फायदा होगा। बाड़मेेर से आए स्टूडेंट रामनिवास ने बताया कि ऑनलाइन क्लास से सिरदर्द रहने लगा था। मुंबई से आई अंकिता ने कहा कि कोटा में क्लासरूम कोचिंग शुरू होने का काफी इंतजार था। जैसे ही क्लासरूम कोचिंग शुरू होने की जानकारी मिली तो यहां आ गई। 

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