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राजस्थान में डंपर से कुचलकर वन रक्षक की हत्या, अवैध खनन पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से मांग जवाब

Published: Wed, 23 Sep 2026 05:57 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान में अवैध खनन रोकने के प्रयास में वन रक्षक की डंपर से कुचलकर हत्या के मामले ...और पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट ने वन रक्षक की हत्या का स्वतः संज्ञान लिया।

सुप्रीम कोर्ट ने वन रक्षक की हत्या का स्वतः संज्ञान लिया।

HighLights

  1. सुप्रीम कोर्ट ने वन रक्षक की हत्या का स्वतः संज्ञान लिया।

  2. अवैध खनन रोकने हेतु निवारक कदम उठाने पर जोर दिया गया।

  3. राजस्थान के छोटे सादड़ी वन क्षेत्र में हुई यह घटना।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राजस्थान में अवैध खनन को रोकने के प्रयास में एक वन रक्षक की डंपर से कुचलकर हत्या किए जाने की हालिया घटना का संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि इन मामलों में अनिवार्य रूप से निवारक कदम उठाए जाने चाहिए। पीठ ने मामले की सुनवाई के लिए छह अक्टूबर की तारीख तय की।

यह मामला जस्टिस विक्रम नाथ, आगस्टिन जार्ज मसीह और संदीप मेहता की पीठ के समक्ष एक लंबित स्वत:संज्ञान मामले में प्रस्तुत किया गया, जिसका शीर्षक है ''नेशनल चंबल सैंचुरी में अवैध बालू खनन और संकटग्रस्त जलीय वन्यजीवों के लिए खतरा''।

जिस अधिवक्ता ने इस मामले का उल्लेख किया, उन्होंने कहा कि एक वन अधिकारी को राजस्थान में डंपर से कुचलकर मारा गया। पीठ ने राजस्थान के लिए उपस्थित वकील से कहा,"उत्तर के साथ तैयार आना।" शीर्ष अदालत ने अवलोकन किया,"इन मामलों में अनिवार्य निवारक निरोध होना चाहिए।"

अधिकारियों ने कहा, यह घटना सोमवार देर रात छोटी सदरी वन क्षेत्र में हुई, जब वन रक्षक प्रताप सिंह चुण्डावत व एक वन गार्ड अवैध खनन की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे। सिंह ने मिट्टी ले जा रहे डंपर को रोकने का प्रयास किया, जब चालक ने उन्हें टक्कर मार दी व उन्हें मोटरसाइकिल समेत कई मीटर घसीटते हुए भाग गया।

वन विभाग को वन क्षेत्र में अवैध खनन की सूचना मिली थी और एक टीम कार्रवाई के लिए मौके पर गई थी। नेशनल चंबल सैंचुरी 5,400 वर्ग किमी का त्रि-राज्य संरक्षित क्षेत्र है। संकटग्रस्त घड़ियाल के अलावा, यह लाल-मुकुट वाले कछुए और गंगा नदी की डाल्फिन का घर है।

न्यूज एजेंसी PTI से मिले इनपुट के अनुसार