जयपुर, जेएनएन। राजस्थान भाजपा के अध्यक्ष सतीश पूनिया का कहना है कि मुख्यमंत्री और कांग्रेस पहलू खां को ब्रांड एंबेसडर बनाना चाहती है।

उन्मादी भीड़ की हिंसा के शिकार हुए पहलू खां के मामले में हाईकोर्ट ने हाल में उसके खिलाफ दर्ज गोतस्करी का वापस लेने के आदेश दिए थे और इसके बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि था कि पिछली सरकार ने पहलू खां के खिलाफ गलत मामला दर्ज किया था।

इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सतीश पूनिया ने कहा कि यह मामला कांग्रेस की नजरों में वोट बैंक से जुड़ा हो सकता है, लेकिन भाजपा अपने पुराने स्टैंड पर अब भी कायम है। भाजपा सरकार के कार्यकाल के मामले में जो तत्कालिक सबूत मिले, उसके आधार पर कार्रवाई की गई। आगे अगर इस पर कोर्ट की कोई टिप्पणी आती है तो भाजपा कुछ नहीं बोलना चाहेगी लेकिन, मौजूदा सरकार को जो उचित लगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई करनी चाहिए। 

वहीं, राजस्थान हाई कोर्ट ने 30 माह पुराने पहलू खान उन्मादी हिंसा मामले में उसके दोनों बेटों इरशाद और आरिफ व ट्रक चालक खान मोहम्मद के खिलाफ पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआइआर को रद कर दिया है। हाई कोर्ट द्वारा एफआइआर रद करने के बाद पहलू खान के बेटे इरशाद और उसकी मां जेबुनी ने कहा कि हमें कोर्ट पर पूरा भरोसा था। कोर्ट ने हमारे परिवार को गोतस्कर मानने से इन्कार कर दिया, जबकि पुलिस हमें जबरन गोतस्कर बता रही थी। उन्होंने कहा कि 30 माह बाद हम पर गोतस्कर होने का आरोप हटा है। हमें न्याय मिला। अब पहलू खान के कातिलों को सजा मिल जाए तो पूरा न्याय मिलेगा। इरशाद और उसकी मां जेबुनी ने एक बातचीत में कोर्ट में उन्हे इंसाफ मिलने का श्रेय देश की कानून व्यवस्था और वकीलों को दिया।

इरशाद ने कहा कि जिस वक्त यह घटनाक्रम हुआ, उस समय के पुलिस अधिकारी और कर्मी आरोपितों से मिले हुए थे। पुलिस ने जानबूझकर मामले को कमजोर किया, जिससे आरोपित लोअर कोर्ट से बरी हो गए। इरशाद ने कहा कि वकील कपिल गुप्ता और कासिम अली ने बहुत मेहनत से कोर्ट में अपना पक्ष रखा। मेव समाज के कई लोग गुरुवार को जयपुर पहुंचे। मेव पंचायत के संरक्षक शेर मोहम्मद सहित कई मेव नेताओं ने दोनों वकीलों को कोर्ट में अच्छी तरह पक्ष रखने के लिए धन्यवाद दिया।

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Posted By: Sachin Mishra

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