जोधपुर, जेएनएन। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आखिरकार अपने बेटे वैभव गहलोत को रोजगार दिल ही दिया, इसको लेकर प्रदेश के बेरोजगारों में अब रोजगार की आस जगी है कि बेटे को सेटल करने के बाद अब मुख्यमंत्री प्रदेश के बेरोजगारों की भी सुध लेंगे। तीखे चुटीले व्यंग्य के साथ भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पुनिया ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह नगर में उन पर एक से बढ़कर एक शब्द बाण चलाए। दरअसल, प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद पूनिया का ये पहला जोधपुर दौरा था, जिसको लेकर कार्यकर्ताओ में भी उत्साह था, जिसका उन्होंने भी अपने जुबानी हमलों से खूब माहौल जमाया और सरकार को सभी क्षेत्रों में विफल करार दिया।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने आखिरकार अपने बेटे को रोजगार दे दिया है। अब वे उसको हाईब्रिड मॉडल के तहत स्थापित करना चाहते है । लेकिन जनता ने मुख्यमंत्री के बेटे को बूथ उनके बूथ पर ही हरा दिया। किसी राजनेता के लिए यह बड़ा झटका है कि उसकी मौजूदगी में बेटा चुनाव हार जाए, इससे बड़ी निराशा और बौखलाहट कोई ओर हो ही नहीं सकती और निकाय चुनावों में उनके उल्टे सीधे फैसले इस बौखलाहट का सीधा प्रमाण है, जहां वे हार के डर से चुनाव से ही कतराने लगे हैं।

उन्होंने गहलोत को विफल बताते हुए अपने पुत्र स्थापित करने के चक्कर में राजस्थान के विकास की गति पर खुद मुख्यमंत्री के द्वारा ही अंकुश लगाने की बात कही। पूनिया ने कहा कि निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस में फूट उजागर हुई है। हाइब्रिड मॉडल लेकर सरकार के मंत्रियों का विरोध खुलकर सामने आ गया, इससे साफ है कि निकाय चुनाव लेकर कांग्रेस बहुत अधिक डरी हुई है, घबराई हुई है। मुख्यमंत्री की घबराहट इतनी बढ़ गई, उनकी गुड मॉर्निंग और गुड नाइट आरएसएस व भाजपा कोसने से ही शुरू और समाप्त होती है। अपने जोधपुर प्रवास के बाद बिलाड़ा, जैतारण, ब्यावर होते हुए पूनिया जयपुर रवाना हुए।

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Posted By: Sachin Mishra

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